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Sonebhadra News: गैंग लीडर मनीष दुबे समेत 25 पासरों पर गैंगस्टर

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सोनभद्र। पासरों की मदद से रोजाना बड़ी संख्या में बिना परमिट और ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे ट्रकों को पास कराने के खेल पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग लीडर मनीष दुबे सहित कुल 25 के विरुद्ध गैंगस्टर लगाया है। उनकी धरपकड़ के साथ अन्य ब्योरा जुटाने में पुलिस जुटी है।
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जिले में सालों से अवैध परिवहन का खेल चल रहा है। कुछ सफेद पोसों के संरक्षण में पासरों का गिरोह फल-फूल रहा है, जो अधिकारियों की लोकेशन लेकर गिट्टी-बालू लदे ट्रकों को पास कराता है। पासर बिना परमिट और ओवरलोड वाहनों को तयशुदा रकम लेकर सोनभद्र जिले की सीमा से सुरक्षित पास कराते हैं। इस अवैध कार्य से ही उन्होंने काफी संपत्ति भी हासिल की है। समय समय पर पुलिस ने इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि हर बार वे कानूनी दांव पेंच में बच निकलते थे। पूर्व में गिरफ्तार पासरों की संपत्ति का ब्योरा पुलिस ने तलाशना शुरू किया तो वे दंग रह गई। कम उम्र और कम समय में अमीर बनने के सपने ने दर्जनों युवकों को अपराध के क्षेत्र में ढकेल दिया।
इनपर की गई कार्रवाई
उनमें छपका निवासी गैंग लीडर मनीष दुबे और उसके सगे भाई प्रवीण दुबे ऊर्फ डब्बू, पटवध निवासी राहुल शर्मा, ओबरा निवासी सतीश सिंह, न्यू कॉलोनी निवासी सोमू उर्फ सोम राज यादव, डाला बारी निवासी आदित्य तिवारी, सेमरी मिश्र निवासी अंकित मिश्रा, गोइठरी निवासी आशीष कुमार चौहान, डाला बाड़ी निवासी दीपक सिंह, डाला नई बस्ती निवासी गंगासागर चौधरी, मारकुंडी निवासी जंग बहादुर गोंड, विशाल केशरी, गुरमा निवासी वीरेंद्र कुमार, तकिया निवासी मुन्ना ऊर्फ नाजमुद्दीन, सेंधुआरी निवासी उमेश पांडेय, प्रीतनगर निवासी मनोज पांडेय, छाईन घोरावल निवासी राजकुमार उर्फ राजू, गजराज नगर निवासी आशुतोष पाठक, मारकुंडी निवासी आलोक सिंह उर्फ वीरेंद्र चौहान, गढ़वा (झारखंड) निवासी सौरभ सोनी उर्फ सन्नी, सरौली करमा निवासी सोनू, बीलबल निवासी रामेश्वर सिंह, मारकुंडी निवासी अनिल गुप्ता, न्यू काॅलोनी निवासी मनीष हलवाई और छपका निवासी दशरथ उर्फ छोटू सिंह शामिल हैं। इन सभी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 14 अन्य पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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अवैध कमाई से खरीदे डंपर और ट्रक
पुलिस की कार्रवाई की गिरफ्त में आए ज्यादातर पासरों की उम्र महज 20 से 28 साल के मध्य है। कम उम्र में ही गिरोह से जुड़कर वह इस कार्य में लग गए। इसके बदले उन्हें अच्छी आमदनी होती थी। एक गाड़ी को पार कराने के बदले में दो से तीन हजार रुपये मिलने के बाद में इसे आपस में बांटते हैं। इस आमदनी से ही कुछ ने डंपर, ट्रक भी खरीदा है। चर्चा है कि आपराधिक इतिहास को देखते हुए पासरों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
25 पासरों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों को चिन्हित किया जा रहा है। 14 अन्य पर भी गैंगस्टर लगाया जाएगा। - डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।
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