एनसीएल की तेल आपूर्ति में गड़बड़झाला उजागर होने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शक्तिनगर थाने में कोयला खदानों में डीजल की आपूर्ति के नाम पर घोटाला करने वाले एनसीएल के पांच कर्मचारी समेत 18 लोगों परगैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने मातहतों कोगैंगस्टर के आरोपियों पर गैर कानूनी कार्य कर अर्जित किए गए चल-अचल संपत्ति का रिकार्ड तैयार कर आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया है। कुछ माह पूर्व हजारों लीटर डीजल चोरी का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने शक्तिनगर से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से आठ लाख रुपये भी बरामद हुए थे। एसटीएफ की वाराणसी फिल्ड यूनिट की जांच में पता चला था कि चंदौली के अलीनगर स्थित इंडियन ऑयल डिपो से एक टैंकर 29 हजार लीटर डीजल लेकर दुद्धीचुआ परियोजना के लिए निकला था। टैंकर दुद्धीचुआ खदान न जाकर मध्य प्रदेश के निगाही स्थित एक पेट्रोल पंप पर पहुंच गया। वहां करीब 17 हजार लीटर डीजल बेच दिया गया। जांच में यह भी पता चला था कि एनसीएल में टीएफएम (टोटल फ्यूल मैनेजमेंट) का कार्य अनपरा निवासी एक व्यक्ति के नाम पर है, जो यूपी और एमपी में स्थित एनसीएल परियोजनाओं में डीजल आपूर्ति करता है। शक्तिनगर थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि डीजल के अवैध कारोबार में शामिल एनसीएल के पांच कर्मचारी समेत 18 के खिलाफगैंगस्टर एक्ट का मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस संबंध में पिपरी सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई है। सभी आरोपियों की संपत्ति के बारे में भी पता लगवाया जा रहा है।