घोरावल क्षेत्र में पेट्रोल पंप की जांच करती टीम। स्रोत : जागरूक पाठक
घोरावल। तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने मंगलवार को पेट्रोल पंपों के खिलाफ जांच अभियान चलाया। एसडीएम विशाल कुमार के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम ने पेट्रोल पंपों पर घंटों जांच-पड़ताल की और ईंधन की गुणवत्ता से लेकर माप-तौल तक की व्यवस्थाओं को परखा। मंगलवार दोपहर बाद प्रशासनिक टीम घोरावल-रॉबर्ट्सगंज मार्ग पर पहुंची और आसपास स्थित तीन पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा ग्राहकों को निर्धारित मात्रा में ईंधन दिए जाने की व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान पेट्रोल पंपों पर लगे माप-तौल उपकरणों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि ग्राहकों को मशीन में प्रदर्शित मात्रा के अनुरूप ही पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही ईंधन की गुणवत्ता जांचने के लिए आवश्यक परीक्षण भी किए गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से पेट्रोल पंप संचालकों में हलचल बनी रही। जांच अभियान में एसडीएम विशाल कुमार, आपूर्ति निरीक्षक अखिलेश कुमार तिवारी, प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, आईओसीएल के विक्रय प्रबंधक, वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान व आपूर्ति सहायक पीव कुमार शामिल रहे। संयुक्त टीम ने पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध पेट्रोल-डीजल के नमूनों, माप-तौल व्यवस्था और अन्य संबंधित मानकों की जांच की। आपूर्ति निरीक्षक अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि क्षेत्र के तीन पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता, उपलब्धता और ग्राहकों को दी जाने वाली मात्रा को प्रमुखता से परखा गया। जांच से संबंधित रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंपों की जांच का यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण पेट्रोल-डीजल निर्धारित मात्रा में उपलब्ध कराना है। जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।