सपा कार्यकर्ता ने पार्टी के ही जिलाध्यक्ष एवं विधायक अविनाश कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आदिवासी नेता हरिराम चेरो की गिरफ्तारी से नाराज होकर सपा नेता रोशन लाल यादव के नेतृत्व में गुरुवार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। जिलाध्यक्ष की शह पर जेपी एसोसिएट्स प्रबंधन और पुलिस की मिलीभगत से झूठे मामले में हरिराम को जेल भेजने का आरोप लगाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया।
सपा नेता रोशन लाल की अगुवाई में भारी संख्या में आदिवासी सहित अन्य सपा के कार्यकर्ता सदर तहसील पहुंचे। रोशनलाल ने कहा कि जेपी एसोसिएट्स प्रबंधन और सपा जिलाध्यक्ष के इशारे पर 14 जनवरी को पुलिस ने फर्जी तरीके से आदिवासी नेता हरिराम चेरो को अपहरण की साजिश में फंसा दिया।
कहा कि गत 13 दिसंबर को राबर्ट्सगंज में उनकी अगुवाई में समाजवादी चेतना मार्च निकालकर लोगों को सरकार की उपलब्धियां बताने के साथ ही सपा जिलाध्यक्ष के कार्यप्रणाली पर विरोध जताया गया था। जेपी के खिलाफ भी वह लोग आंदोलन करते रहे हैं। इसमें हरिराम प्रमुख रूप से शामिल थे। इसको लेकर यह अपहरण की झूठी साजिश रची गई। रोशन ने खुद के जान का खतरा भी बताया।
प्रदर्शन में श्यामा चरण गिरी, अमरनाथ चेरो, कुलदीप पुरी, सत्येंद्र कुमार, संजय दूबे, अनिल यादव, गुड्डू अदि मौजूद रहे। वहीं अविनाश कुशवाहा ने कहा कि वह लखनऊ में हैं, उन्हें घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उनके कहने पर भला पुलिस किसी पर क्यों कार्रवाई करेगी। वहीं एसपी शिवशंकर यादव ने कहा कि वह जरूरी काम से जिले से बाहर हैं। पुलिस ने घटना का सही खुलासा किया है। हरिराम चेरो पर अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
समय रहते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बड़ी अनहोनी घटना को रोक लिया है। उधर, मानवाधिकार पिपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह कुशवाहा ने हरिराम चेरो की गिरफ्तारी की निंदा की है। वहीं भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (युनाइटेड) के जिला कमेटी सदस्य कुलदीप पुरी ने भी हरिराम की गिरफ्तारी को गलत ठहराया है।