सदर कोतवाली पुलिस ने एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर, मैनेजर सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर ने बड़ी रकम ली और मरीज की हालत नाजुक होने पर उसे वाराणसी के एक निजी अस्पताल भेज दिया। वहां पर उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के कुसाही गांव निवासी तनबुड़ूक ने तहरीर देकर अवगत कराया 16 अप्रैल को उसकी बहू मीरा को पथरी का दर्द हुआ। आरोप है कि उसी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने ऑपरेशन कराने के नाम पर 50 हजार रुपये समूह के खाते से कई किश्तों में निकलवा लिया। इसके अलावा बहू का सारा गहना करीब आठ हजार रुपये में एक दुकानदार के यहां रखवा दिया।
रुपये निकलवाने वाले व्यक्ति ने मीरा को राबर्ट्सगंज नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान हालत उसकी बिगड़ गई। यह देख डॉक्टर उसे अपने सेटिंग वाले वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टर के ऑपरेशन करने के बाद बहू की हालत बिगड़ गई।
21 अप्रैल को उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टर समेत कुछ लोगों ने शव का हिंदुआरी में दाह संस्कार करवा दिया। इंस्पेेक्टर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तनबुड़ूक की तहरीर पर वाराणसी हास्पिटल चितईपुर के डॉ. अभिनव, नित्या हास्पिटल के मैनेजर धर्मेंद्र कुमार, श्यामलाल और गणेश सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।