म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। हिंडाल्को परिक्षेत्र में इसका असर सर्वाधिक है। डेंगू बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने से अब बेड नहीं मिल रहे। निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ रहा है। रविवार को म्योरपुर सीएचसी में रेणुकूट के दो डेंगू संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया।
पिछले एक सप्ताह से मुर्धवा, रेणुकूट व आसपास के इलाकों में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप जोरों पर है। सर्दी-खांसी, बुखार से पीड़ित लोग तेजी से प्लेटलेट्स कम होने से चिंतित हैं। हिंडाल्को अस्पताल के जनरल वार्ड में मरीजों को रखने की जगह नहीं है। अब प्राइवेट वार्ड में भी बेड भर चुके हैं। रविवार को औद्योगिक इकाई से जुड़े एक अफसर व उनकी पत्नी को बेड न मिलने पर प्राइवेट वार्ड में भर्ती होना पड़ा।
उधर, रेणुकूट निवासी फतेह बहादुर (48) और वीरेंद्र तिवारी (35) को म्योरपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। लक्षणों के आधार पर डेंगू वार्ड में उन्हें रखकर उपचार किया जा रहा है। उनके सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। डेंगू के संक्रमण पर रोक न लगने से रहवासियों की चिंता बढ़ रही है।
इस संबंध में म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि हिंडाल्को परिसर में बीमारी की रोकथाम के लिए प्रबंधन को सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं उससे बाहरी हिस्से में प्रत्येक मरीज के घर व आसपास के इलाकों में टीम भेजकर जांच व दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।