रिहंद जल विद्युत संयंत्र पिपरी में शनिवार की सुबह आई तकनीकी गड़बड़ी से जिले के आधे हिस्से में विद्युत आपूर्ति ठप रही। इससे लोगों को पेयजल संकट से भी जूूझना पड़ा। मरम्मत कराकर करीब चार घंटे बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। रिहंद बांध के अधीक्षण अभियंता शैलेश सिंह ने बताया कि फाल्ट की वजह से सुबह से ही ओबरा और राबर्ट्सगंज क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद थी।
रिहंद जल विद्युत संयंत्र में खराबी से चोपन, राबर्ट्सगंज, नगवां और चतरा ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप रही। सुबह करीब 10 बजे से ठप विद्युत आपूर्ति करीब दो बजे बहाल हो सकी। इस दौरान लोगों को बिजली के साथ ही पानी के संकट से भी जूूझना पड़ा। तमाम लोग पानी के लिए हैंडपंपों पर नजर आए। उधर घोरावल नगर में लगा ट्रांसफार्मर लगने के महज चार घंटे में ही फुंक गया। इससे नगर का ज्यादातर हिस्सा अंधेरे में डूब गया। नगर में थनहवा तालाब में लगे ट्रांसफार्मर से नगर के ज्यादातर हिस्से में आपूर्ति होती है।
करीब पांच दिन पूर्व वहां का ट्रांसफार्मर जल गया था। फिर 630 केवीए का नया ट्रांसफार्मर गुरुवार शाम को आया, जिसे शुक्रवार को दोपहर में लगाया गया। नए ट्रांसफार्मर से आपूर्ति चालू हो गई, लेकिन मात्र चार घंटे बाद ही उसमें से चिंगारी निकलने लगी और तेज आवाज के साथ ट्रांसफार्मर बोल गया। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा और मेले के मद्देनजर बार-बार ट्रांसफार्मर जलने से लोगों में असंतोष है।
गौरतलब है कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार को भी बिजली आपूर्ति चौपट थी, जिससे कांवड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कांवड़िये शनिवार रात में और रविवार भोर में गंगाजल कांवड़ में भरकर शिवद्वार के लिए चलेंगे। घोरावल नगर और शिवद्वार के आस पास के क्षेत्रों में रविवार को रात भर कांवड़िए प्रवास करेंगे। फिर सोमवार को भोर में शिवद्वार मंदिर में भोले बाबा का जलाभिषेक करेंगे।
बिजली आपूर्ति ठप होने से नगर में रुकने वाले कांवड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बिजली विभाग के एसडीओ चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि नया ट्रांसफार्मर मंगाया गया है। जल्द लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।