सोनभद्र। जिले में बसपा शासन काल में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले पांच दिनों में खंड विकास अधिकारी समेत 12 कर्मियों को तलब किया है। सोमवार को लखनऊ स्थित सीबीआई दफ्तर में अधिकारियों के समक्ष एक बीडीओ, तीन सचिव ने अपना बयान दर्ज कराया। सीबीआई के जांच का दायरा बढ़ाते ही मनरेगा का धन हजम करने वालों की नींद हराम हो गई है।
जिले में वर्ष 2006 से 2009 के बीच घोरावल, राबट्र्सगंज, चतरा, नगवां, दुद्धी, चोपन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। सड़क, तालाब, चेकडैम, बंधी, पुलिया, कूप आदि का निर्माण कागजों में करा दिया गया था। स्थानीय स्तर पर की गई शिकायत के बाद मानकों की अनदेखी और सरकारी धन के बंदरबाट का खुलासा हुआ था। लखनऊ और दिल्ली से आई नेशनल लेबल मॉनीटरों की टीम के साथ ही ग्राम्य विकास के उच्चाधिकारियों की जांच में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला का मामला सामने आया।
इसके बाद उच्च न्यायालय के 31 जनवरी 2014 के आदेश पर जब सीबीआई ने इस घोटाले की जांच शुरू की तो सच्चाई परत दर परत खुलकर सामने आने लगी। सीबीआई टीम ने जिले में जगह जगह छापेमारी की। पूर्व में कई लोगों को सीबीआई ने तलब कर पूछताछ किया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव के कारण मामला ठंडा पड़ गया था। पिछले पांच दिनों में सीबीआई ने लखनऊ में 12 लोगों को तलब कर पूछताछ कर चुकी है। वर्तमान में घोरावल ब्लाक में हुए मनरेगा के कार्य के भुगतान को लेकर जांच की जा ही है। 21 मार्च को लखनऊ में सीबीआई के समक्ष बीडीओ घोरावल समेत चार सचिवों ने बयान दर्ज कराया।
घोटाले में डीएम समेत कई अधिकारियों से पूछताछ
सोनभद्र। जिले में मनरेगा के हुए घोटाले में तत्कालीन डीएम समेत कई अधिकारियों के नाम चर्चा में आए थे। घोटाले की जांच कर रही सीबीआई नेे कई अधिकारियों सें पूछताछ कर चुकी है, अभी जांच जारी है। 11 मार्च को सीबीआई, एसीबी लखनऊ के पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र सिंह विष्ट ने सीडीओ सोनभद्र को पत्र भेज कर अलग-अलग तिथियो में एक बीडीओ समेत 12 लोगों को भेजने की बात कहीं थी। 14 मार्च को सीबीआई ने ग्राम पंचायत अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह, रमाकांत देव पांडेय, संजूलता व कीर्ति मेहरोत्रा, 15 मार्च को ऋषि कुमार, विपिन सिंह, अरुण कुमार सोनकर व जावेद अख्तर और 21 मार्च को घोरावल के बीडीओ समेत चार सेक्रेट्री को बुलाया था। बता दें कि पूर्व में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने जिले में हुए मनरेगा घोटाले में कई आरोपियों को जेल भेजा था।