उन्होंने परिजनों के लिए बाकायदा हस्ताक्षर पत्र छोड़ा था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कोई चिंता ना करे, वह घूमने जा रहे हैं और दो महीने में लौट आएंगे। देर रात तक तलाश करने पर भी जब बच्चों की सूचना नहीं लगी तो परिजनों ने मोरवा थाने में इसकी सूचना दी।
मोरवा निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह ने तत्काल सिंगरौली एसपी मनीष खत्री के निर्देश एवं अनुविभागीय अधिकारी गौरव पांडेय के मार्गदर्शन में मामला पंजीबद्ध कर एक पुलिस टीम का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह बच्चों के हाथ में पड़ा मोबाइल चालू हुआ तो पुलिस को मालूम चला कि बच्चे रीवा पहुंच गए हैं। पुलिस ने तत्काल रीवा जिले की पुलिस से संपर्क साधा और बच्चों को कुशल बरामद कर लिया है।