ग्रामीणों के विरोध के बाद लकड़ी छोड़ भागे
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किरहुलिया नर्सरी के पास गुरुवार दोपहर में दो साखू के पेड़ और एक पियार के पेड़ को काटकर ट्रैक्टर-ट्राली पर लाद दिया गया। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो लोग मौके पर पहुंच गए।
वहां मौजूद वनरक्षक राजेंद्र शर्मा ने लकड़ी के बारे में पूछताछ की तो उनका कहना था कि उच्चाधिकारियों के आदेश से पेड़ काटा गया है। इतना सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। मामला बिगड़ते देख वनकर्मी लकड़ी छोड़कर भाग गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि चौकीदार फौजदार और महेश स्थानीय नर्सरी में काम करते हैं, जिनका वन रक्षक ही अधिकारी है। ग्राम प्रधान सतीश, रमाशंकर, दिनानाथ ने वन रक्षक के क्रियाकलापों की जांच की मांग की।
बलिराम, छोटेलाल, रामविलास, अर्जुन, संजय, रमेश, सुरेंद्र, सुरेश, रामलाल का कहना है कि लकड़ी काटे जाने की जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि वन का संरक्षण किया जा सके।
डीएफओ एसबीएस सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के जरिए इसकी जानकारी मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।