बभनी। क्षेत्र में दस दिनों से जरहां वन रेंज और बभनी क्षेत्र में हाथियों का झुंड उत्पात मचा रहा था। सोमवार की रात ग्रामीणों की मदद से जरहा वन रेंज के अधिकारी एवं कर्मचारी हाथियों के झुंड को छत्तीसगढ़ के जंगल में खदेड़ने में सफल हो सके। हाथियों का झुंड छत्तीसगढ़ के जंगलों में पहुंचने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।
छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से भटक कर आए हाथियों के झुंड ने बभनी वन रेंज नवाटोला गांव में दो किसानों के घर को ढहाने के साथ ही दर्जनों किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद गांव के लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ हाथियों को भगाया। नवाटोला से हाथियों का झुंड चरचरी, कोडार होते हुए नक्टू और नेमना के जंगल में पहुंच गए और कोडार में भी आधा दर्जन किसानों के घरों को ढहा दिया और दर्जनों किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाया। पिछले साल भी हाथियों का झुंड बभनी और जरहा रेंज में जमकर उत्पात मचाया था। बभनी रेंज के नवाटोला, मगरमांड, डूमरहर, बिछियारी, करमघट्टी, महुआदोहर गांव में सैकड़ों किसानों के फसलों को नुकसान किया था और दर्जनों गरीबों के घरों को ढहा दिया था। इसके साथ ही एक किसान को मौत के घाट उतार दिया था। डिप्टी रेंजर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को ग्रामीणों की मदद से मशाल जलाकर और पटाखे की मदद से हाथियों को किसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के जंगल में खदेड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी हाथियों के ऊपर नजर रखी जा रही है।