नगवां ब्लॉक के अति नक्सल प्रभावित रामपुर ग्राम पंचायत में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र करीब एक साल से बंद पड़ा है। इससे यहां की गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें स्वास्थ्य सेवा के लिए करीब 30 किमी दूरी तय कर वैनी या तियरा जाना पड़ता है। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव में उपकेंद्र के पास प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने बताया कि रामपुर में एक उपस्वास्थ्य केंद्र है। करीब एक साल से यह केंद्र बंद पड़ा है। प्रसव के बाद गर्भवती महिलाओं को जहां भर्ती कराया जाता था वह भवन पूरी तहर से जर्जर हो गया है। उपकेंद्र पर तैनात एएनएम के सेवानिवृत्त होने के बाद करीब एक साल पूर्व दूसरी एएनएम की तैनाती हुई लेकिन वहां कोई नहीं जाता है। इससे महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है।
गांव की शिखा, सुचिता, सरिता कुमारी, कांति देवी ने कहा कि अक्सर ऐसा होता है कि बुलाने पर भी गांव तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंचती। इससे गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। अन्य तरह के मरीजों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
सुनीता, माया देवी, पूजा कुमारी का कहना था कि रामपुर गांव पूरी तरह से जंगल में है और आसपास के किसी भी गांव में उपकेंद्र नहीं है। इससे मरीजों को बारिश के दिनों में काफी संकट झेलना पड़ता है। ग्रामीणों ने उपकेंद्र को तत्काल प्रभाव से संचालित कराने की मांग सीएमओ और डीएम से की है। इस मौके पर राधेश्याम, पिंकी, भोला, नंदकिशोर, रामआधार, वीरेंद्र कुुमार पांडेय, संतलाल, बृजमोहन, प्रिंस, रामसुभग, सतेंद्र, मोहन, जितेंद्र नाथ मौजूद रहे।