जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले में करीब 25 बाढ़ शरणालय बनाएगा। इसके लिए तीनों तहसील क्षेत्रों में स्थानों का चयन कर लिया गया है। बाढ़ शरणालय मेें पीड़ितों को भोजन की व्यवस्था की जाएगी। लेखपालों की रिपोर्ट पर दैविक आपदा राहत कोष से पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
पिछले कई वर्षों के बाद इस वर्ष जिले में मूसलाधार बारिश हुई है। अत्याधिक बारिश होने से विगत सप्ताह कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ समेत अन्य गांवों की कई पुलिया और रपटा बह गया। यहां तक झारखंड और यूपी को जोडने वाले मार्ग पर घुटने भर पानी जमा होने से वाहनों का आवागमन भी ठप हो गया था।
प्रतिदिन हो रही बारिश को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों को चिन्हित कर वहां के लोगों के लिए बाढ़ शरणालय बनाने के लिए स्थानों का चयन कर लिया है। डीएम सीबी सिंह ने राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील के एसडीएम को बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाकों में पैनी नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की दिक्ततों का सामना न करना पड़ें।
अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने बताया कि तीनों तहसील में बाढ़ से प्रभावित होने वाले करीब तीन दर्जन गांवों को चिन्हित कर बाढ़ शरणालय बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल बारिश से जिन लोगों का मकान गिरता है उनके नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देते है। दैविय आपदा राहत कोष से बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाता है। हालांकि अभी तक किसी लेखपाल ने बाढ़ से नुकसान होने की सूचना नहीं दी है।