फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवंबर में 1494568 व्यक्तियों को नहीं मिलेगा चावल

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस माह (नवंबर) में चार लाख बीस हजार पांच सौ अट्ठावन (420558) राशनकार्डों में शामिल 1494568 लोगों को चावल की जगह नि:शुल्क गेहूं दिया जाएगा। कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं दिया जाएगा। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने आपूर्ति निरीक्षकों और कोटेदारों को कार्डधारकों को गेहूं का वितरण करने का निर्देश दिया है ।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के दौरान लाकडाउन के चलते कामकाज बंद होने के कारण यूपी के विभिन्न जिलों समेत मुंबई, दिल्ली, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों में काम करने वाले जिले के लोग मार्च में अपने घरों को लौट आए थे। जिले में लॉकडाउन के चलते कई माह तक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे श्रमिकों के समक्ष भुखमरी की नौबत पैदा होने लगी थी। हालांकि लॉकडॉउन शुरू होने के बाद सरकार ने अप्रैल से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत नि:शुल्क राशन वितरण का वितरण शुरू कराया। इसके तहत प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता था। कई माह चना भी मिला। जुलाई से इस योजना को नवंबर तक बढ़ा दिया गया। ऐसे में योजना का लाभ नवंबर तक ही पात्रों को मिलेगा। अधिकारी बताते हैं कि आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज के लिए आवंटित खाद्यान्न में बचे हुए गेहूं का समायोजन करते हुए इस बार सिर्फ गेहूं ही वितरित किया जाएगा। सूबे के खाद्य तथा रसद विभाग के अपर आयुक्त अनिल कुमार ने डीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेज कर प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं वितरित कराने का निर्देश दिया है।
इनसेट
जिले में 792 कोटे की हैं दुकानें
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, म्योरपुर, बभनी और दुद्वी ब्लॉक क्षेत्र में वर्तमान में 792 में वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें 62 शहरी और 730 ग्रामीण इलाके में दुकानें हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत नि:शुल्क 60558 अंत्योदय एवं करीब 360000 पात्र गृहस्थी कार्डधारक लाभान्वित हो रहे हैं।
विज्ञापन

वर्जन
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस माह प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं मुफ्त वितरित करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी पूर्ति निरीक्षकों को वितरण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसकी मानीटरिंग वह खुद कर रहे हैं।-डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें