मनरेगा में हुए घोटाले में जांच के लिए ब्लॉक मुख्यालय पर गुरुवार को दूसरे दिन भी सीबीआई टीम पहुंची। इस दौरान सीबीआई टीम ने अभिलेखों की पड़ताल की।
म्योरपुर ब्लॉक में भी क्षेत्र पंचायत से वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा से जमकर काम हुए हैं। भारी भरकम लागत से चेक डैम का निर्माण कराया गया है। पक्के वर्क में अधिक पैसा बचाने के चक्कर में जमकर मनमानी की गई थी। सामग्री आपूर्ति करने वाली तमाम ऐसी फर्मों का भुगतान कर दिया गया जिनका अस्तित्व ही नहीं था।
मनरेगा घोटाले की चल रही सीबीआई जांच को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। सीबीआई इंस्पेक्टर आरआर त्रिपाठी व प्रवीण दुबे ने गुरुवार को अभिलेखों की पड़ताल की। इसके अलावा दोनों ने बभनी ब्लॉक का भी मुआयना किया। म्योरपुर ब्लॉक मुख्यालय पर सीबीआई द्वारा सील की गई 30 फाइलों का बारी-बारी से हाल जाना। सीबीआई इंस्पेक्टर आरआर त्रिपाठी ने कहा कि उनकी जांच लंबी चलेगी। म्योरपुर ब्लॉक की तो अभी शुरुआत ही हुई है।।