छात्रा ने सड़क बनवाने के लिए लगाई गुहार
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साहब! हमारे गांव में सड़क और पुलिया बनवा दीजिए, ताकि हम बच्चे बिना किसी डर के स्कूल आ-जा सकें। आठवीं कक्षा की छात्रा खुशी कुमारी की यह गुहार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत बयां कर रही है। चोपन ब्लॉक की ग्राम पंचायत पड़रछ के टोला गुलरिहवा में करीब 30-32 परिवार आज भी सड़क और पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र रास्ता वर्षों से बदहाल है। करीब तीन किलोमीटर संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं होने और रास्ते में पड़ने वाले नाले पर पुलिया न होने से ग्रामीणों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
समस्या को लेकर युवा नेता दीपू शर्मा ने ग्रामीणों के साथ नाले में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान आठवीं की छात्रा खुशी कुमारी ने डीएम से भावुक अपील करते हुए कहा कि गांव में सड़क और पुलिया बनवा दीजिए, ताकि बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी न हो। छात्रा की इस गुहार ने ग्रामीण बच्चों की मुश्किलों को सामने ला दिया।
वहीं, आठवीं कक्षा के छात्र विनय कुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि पिछले बरसात के दौरान स्कूल से घर लौटते समय वह नाले के तेज बहाव में बह गया था। गनीमत रही कि उसके साथियों ने साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया। इस घटना के बाद भी गांव में आवागमन की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने पर बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना और घर लौटना जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी के बीमार पड़ने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर मरीज को अस्पताल पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। बरसात में नाले का जलस्तर बढ़ने से इस पार से उस पार जाना मुश्किल हो जाता है। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और मजदूरों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पड़रछ के टोला गुलरिहवा में करीब तीन किलोमीटर संपर्क मार्ग का निर्माण कराने और नाले पर पुलिया बनवाने की मांग की। प्रदर्शन में गांव के पुरुष, महिला और स्कूली बच्चे शामिल रहे।
समस्या को देखते हुए लोकनिर्माण विभाग को सर्वे करके प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है, जल्द ही इसपर काम कराया जाएगा। -चर्चित गौड़, डीएम सोनभद्र