दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना के मुख्य अभियंता नीरज कुमार ने शुक्रवार को कनहर बांध और नहरों का निरीक्षण किया। फील्ड हॉस्टल में अभियंताओं के साथ बैठक कर बांध की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य बांध स्पिलवे पर पहुंचकर विद्युतीकरण के लिए सोलर लाइट की सुविधा, कंट्रोल रूम सहित आपातकालीन स्थिति के बारे में पूछताछ की। कहा कि किसानों को साल 2027 से कनहर बांध का पानी मिलने लगेगा।
बांध के साथ दोनों नहर, एक्वाडक्ट व टनल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था जिम्मेदारी के साथ निर्माण कार्य करे। सभी उपकरणों का नियमित परीक्षण और मेंटनेंस भी किया जाना चाहिए। सभी 16 हाइड्रोलिक फाटक को एक शेड्यूल बनाकर चेक करें। आपातकाल से निपटने के लिए समुचित तैयारी पूरी करने को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को साल 2027 से खेतों में नहरों के माध्यम से पानी दिया जाएगा। बजट को लेकर किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है। विस्थापित परिवार को पैकेज का लाभ कई किस्तों में अलग अलग दिए जा रहे हैं। पुनर्वास काॅलोनी में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सहित अन्य निर्माण कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। इस वर्ष के बरसात में सभी फाटक बंद रहेंगे। डूब क्षेत्र में निवास करने वालों को समयानुसार सूचित कर खाली कराने को निर्देश दिए गए हैं। सभी फाटक बंद होने के बाद तेजी से पानी की गहराई व क्षेत्रफल बढ़ेगा। इसके लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र नाथ पांडेय, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार, बीर बहादुर सिंह, दिलीप कुमार, मैनुद्दीन, रवि श्रीवास्तव, नंदलाल यादव आदि मौजूद रहे।
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आपातकाल में होगी गैंट्री क्रेन से फाटक बंद
दुद्धी। कनहर बांध के मुख्य स्पिलवे के सभी 16 फाटक को इमरजेंसी में बंद करने की सुविधाएं विभाग ने खोज निकाली है। अधिशासी अभियंता खंड-2 दिलीप कुमार ने बताया कि यह प्रदेश का पहला ऐसा हाइड्रोलिक गेट है, जिसमें पिस्टन लगाए गए हैं। इसके अलावा इस पर एक यूनिक गैंट्री क्रेन लगाया गया है। किसी गेट में कोई समस्या होती है या मेंटेनेंस करना पड़ा तो गैंट्री गेट की मदद ली जाएगी।