जिले में सोमवार की रात्रि में शुरू हुई बूंदाबांदी से जहां शहरी लोग परेशान हैं, वहीं ग्रामीण लोग खुशहाल हैं। विंढमगंज में मंगलवार की सुबह से शुरू हुई बारिश का जल इकट्ठा होने से सड़क नहर की तरह हो गई। इसकी वजह से लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया। वहीं दूसरी ओर बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए अमृत की बूंद बरसी है। जबकि दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए भी यह रामबाण के समान है।
राबर्ट्सगंज नगर में सोमवार की रात्रि से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद से सड़क कीचड़युक्त हो गई। इसकी वजह से आवागमन में लोगों को घोर परेशानी उठानी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को हुई। इसी प्रकार से विंढमगंज के सुभाष तिराहे और सीता मोड़ पर नाली जाम होने से बरसात का पानी सड़क पर जमा हो गया, जो नहर का रूप धारण कर लिया। इसकी वजह से आवागमन के साथ ही दूकानदारों को काफी फजीहत उठानी पड़ी।
वाहनों के आने-जाने से छींटा पड़ता रहा और लोग चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रहे थे।
इससे नाराज मुकेश, अदरू, विनय, धर्म, शनि सिंह, विक्की, पंकज, राजू, राजन, मनोज, जिमी, पवन, गुड्डू आदि ने तत्काल नाली की साफ-सफाई की मांग की है। चोपन और बभनी प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से जहां बाजार में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के किसान गदगद हैं।
मधुपुर और रामगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। जो गेहूं की फसल को लेकर किसान चिंतित थे अब उनकी चिंता दूर हो गई है। केकराही प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से क्षेत्रीय किसान बेहद खुश हैं। मोहन, राजेंद्र, वजूद, जमालुद्दीन, रामजतन, रामसेवक, पारस मौर्य, गुलाब, नंदकिशोर, नंदलाल, देवनाथ आदि ने कहा कि बारिश की बूंद अमृत बूंद के समान है।