सोनभद्र। सड़क पर घूमते सांड़ और नीलगायों के हमले से मौत होने पर मृतक के परिजनों को अब चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। प्रदेश सरकार ने ऐसी घटनाओं को आपदा की सूची में शामिल किया है। उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व अनुभाग प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने इसकी अधिसूचना जारी करते हुए सभी जिलों के अधिकारियों को इसका अनुपालन कराने को कहा है। अब तक बेमौसम अत्यधिक बारिश, आकाशीय बिजली गिरने, तूफान, लू, नौका दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर की सफाई के दौरान मौत, गैस के उत्सर्जन, बोरवेल में गिरने, मानव-पशु संघर्ष और कुएं में डूबने से हुई मौतों को इस सूची में शामिल किया गया था। नदी, झील, तालाब, नहर, खाई और झरने को पहले ही राज्य आपदा (राज्य आपदा) के रूप में वर्गीकृत किया जा चुका है। आपदा के कारण मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने की व्यवस्था है। गत 13 अक्तूबर को जारी अधिसूचना में सांड़ और नीलगाय के हमले के कारण हुई मौतों को भी राज्य आपदा घोषित किया गया है। सड़कों छुट्टा पशुओं की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण आए दिन जिले के विभिन्न मार्गों पर हादसे हो रहे हैं। पिछले वर्ष डाला में सड़क पर अचानक से छुट्टा पशु आने के कारण पिकअप पलटने से कोन क्षेत्र के कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई हादसों में लोग छुट्टा पशुओं के कारण हताहत हुए हैं। राज्य आपदा घोषित होने के बाद ऐसे मामलों में पीड़ितों के परिजनों को सरकार से मदद मिल पाएगी। सदर एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि सांड और नीलगाय के हमले में मौत को सरकार ने आपदा की श्रेणी में सूचीबद्ध किया है। इसके तहत नियमानुसार मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।