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Sonebhadra News: आजमगढ़ की आईडी से सोनभद्र में बना फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, एक संदिग्ध हिरासत में

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जिले में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के नाम पर फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को बेटे का जन्मप्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे युवक को जालसाजों ने फर्जी प्रमाण पत्र थमा दिया। इसकी पोल तब खुली जब वह उसी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए आधार बनवाने पहुंचा। पुलिस केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
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करमा थाना क्षेत्र के जोगिनी गांव निवासी विनोद कुमार के मुताबिक स्कूल में दाखिले के लिए बेटे के जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत थी। उसकी मुलाकात राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बघुआरी गांव निवासी शुभम चौहान से हुई।
शुभम ने जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के एवज में 1000 रुपये मांगे। आरोपी शुभम ने एक साइबर कैफे संचालक की मदद से 5 अप्रैल को एक जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया, जो आजमगढ़ की आईडी से जनरेट किया गया था।
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इस प्रमाण पत्र को लेकर जब विनोद अपने बच्चे का आधार बनवाने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय राॅबर्ट्सगंज स्थित आधार केंद्र पहुंचा तो वहां शिक्षकों को दस्तावेज संदिग्ध लगे। उन्होंने तत्काल राॅबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
कस्बा चौकी प्रभारी कुंवर सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। पुलिस ने आरोपी शुभम के पास से कुछ अन्य जन्म प्रमाणपत्र भी बरामद किए हैं। पीड़ित विनोद की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाल सतेंद्र राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जल्द ही इसमें संलिप्त अन्य लोगों को भी चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


रायबरेली में हुए फर्जीवाड़े में आया था नाम
पूर्व में रायबरेली में हुए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में यूपी एटीएस व सलोन पुलिस ने सोनभद्र सहित कई जिलों से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक राॅबर्ट्सगंज निवासी गोविंद केशरी का नाम भी सामने आया था। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए थे। यह आरोपी मोटी रकम लेकर बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के लिए भी फर्जी दस्तावेज बनवाते थे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम से बना था फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र

साल 2023 में जिले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया गया था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के संविदाकर्मी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते थे, जिनमें सोनभद्र, सिद्धार्थनगर और चित्रकूट शामिल थे।
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जिले में एएनएम, नगर पंचायत में ईओ और ग्राम पंचायतों में सेक्रेट्री के जरिए ही जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके अलावा कोई कम्प्यूटर सेंटर जन्म प्रमाण पत्र जारी करता है तो वह संदिग्ध है। ऐसे लोगों के बहकावे में न आएं। अगर कोई ऐसा करता है तो विभाग को सूचित करें। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।
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