पावर प्रोजेक्ट से जुड़ी कार्यदायी संस्था यूपीएल (यूटीलिटी पावरटेक लिमिटेड) के जरिए परियोजना के आपरेशन विभाग में संविदा श्रमिकों को काम दिए जाने के एवज में रुपये की उगाही का मामला शनिवार को गरमा गया। श्रमिकों ने यूपीएल दफ्तर पर हंगामा खड़ा करने के साथ ही नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस के हस्तक्षेप पर किसी तरह मामला शांत हुआ। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
संतोष सिंह, तुलसी स्वामी, चंदन कुमार, विजेंद्र कुमार, अनिल कुमार सिंह सहित 36 श्रमिकों ने पावर प्रोजेक्ट के समूह महाप्रबंधक और अनपरा पुलिस को तहरीर में कहा है कि कई श्रमिकों को संविदा श्रमिक के रूप में तैनात किए जाने के एवज में तीस से चालीस हजार रुपये लिए गए हैं।
बाद में श्रमिकों को ड्यूटी देने में आना-कानी की जाती है। एतराज पर उन लोगों के साथ दुर्व्यवहार होता है। उधर, हंगामे की खबर पर पहुंचे एसओ अंजनी कुमार मिश्रा, यूपीएल के रीजनल मैनेजर एसके श्रीवास्तव, जिला पंचायत सदस्य केदार यादव, पावर प्रोजेक्ट के वरिष्ठ प्रबंधक शुभदीप सोम आदि ने श्रमिकों को शांत कराया।
यूपीएल दफ्तर पर ही मसले को लेकर शाम पांच बजे तक वार्ता भी जारी रही, लेकिन कोई खास निष्कर्ष नहीं निकल गया। इस मौके पर जितेंद्र पाल, सियाराम, कृष्णानंद यादव, संजय सिंह, विकास सिंह, रामखेलावन पनिका, निशांत पांडेय, प्रकाश त्रिपाठी, बिंद्राराव आदि मौजूद रहे।
यूपीएल के रीजनल मैनेजर एसके श्रीवास्तव ने कहा कि श्रमिकों की ड्यूटी की अब कोई दिक्कत नहीं रह गई है। जो भी श्रमिक हैं, उन्हें शिफ्टवार ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। रुपये लेने के आरोप पर वार्ता चल रही है। जल्द ही इस मसले का भी पटाक्षेप कर लिया जाएगा।