यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 19 मार्च से शुरू होगा। दो केंद्रों पर होने वाले मूल्यांकन कार्य में लगाए गए परीक्षकों को डीआईओएस जयराम सिंह ने मंगलवार को बारीकियां समझाईं। सभी प्रपत्रों को पूरी सावधानी के साथ भरने और मूल्यांकन अवधि में अपनी सीट को छोड़कर अन्यत्र न जाने की हिदायत दी।
कहा कि सीसी टीवी कैमरे से हर परीक्षक पर नजर रखी जाएगी। अगर कोई किसी से बातचीत करते हुए भी मिला तो उसे परीक्षा शुचिता प्रभावित करने का जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
राजा शारदा महेश इंटर काॅलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुए अलग-अलग हुए प्रशिक्षण में डीआईओएस ने मूल्यांकन को लेकर बोर्ड से जारी निर्देशों की जानकारी दी। कहा कि मूल्यांकन केंद्र के गेट पर ही सभी परीक्षक अपना मोबाइल अवश्य जमा कर दें।
कॉपी की फोटो खींचना, उसकी प्रति बनाना, उत्तर नोट करना जैसे कार्य कदाचार की श्रेणी में आएंगे। अगर कोई परिचित मूल्यांकन केंद्र पर मिलने पहुंचता तो हरगिज न जाएं। मूल्यांकन अवधि सबुह 10 से शाम 5 बजे के बीच किसी को अपने टेबल से नहीं हटना होगा।
वह एक-दूसरे से बातचीत भी नहीं करेंगे। पूरी व्यवस्था की सीसी टीवी से निगरानी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल की कॉपी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और इंटर की कॉपी राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में जांची जाएगी।
मूल्यांकन के दौरान मिलने वाले प्रपत्र के पहले पेज (कैजिंग) पर प्रश्न वार अंक दर्ज करें, फिर उसका महायोग करते हुए उसे शब्दों में भी लिखें। अवार्ड ब्लैंक को खाली नहीं छोड़ना है। उसमें सूचनाएं काले बाल पेन से ही भरा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान जीजीआईसी की प्रधानाचार्य रंजना शुक्ला, आरएसएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य बृजेश सिंह आदि मौजूद रहे।
एक परीक्षक को जांचनी होगी हाईस्कूल की 50 कॉपियां
मूल्यांकन कार्य में प्रत्येक टेबल पर 8-10 परीक्षक कार्य करेंगे और उनकी निगरानी के लिए एक-एक उप प्रधान परीक्षक तैनात रहेंगे। प्रत्येक परीक्षक को एक दिन में हाईस्कूल की 50 और इंटर की 45 कॉपिया जांचनी होगी। आरएसएम इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर पर्यवेक्षक के रूप में विवेकानंद मिश्र और स्टेटिक मजिस्ट्रेट दुद्धी जीआईसी के प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है। वहीं जीजीआईसी में राजकीय हाईस्कूल चतरा की प्रधानाचार्य उषा सिंह पर्यवेक्षक और जीआईसी पिपरी के अनिल राम स्टेटिक मजिस्ट्रेट होंगे। बीएसए मुकुल आनंद पांडेय और डीआईओएस जयराम सिंह जिले के पर्यवेक्षक की भूमिका में होंगे।