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Sonebhadra News: धान खरीद के 16 दिन बाद भी क्रय केंद्र पर न बिजली आई न बोरे पहुंचे

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सोनभद्र। धान खरीद को लेकर अफसरों का दावा झूठा है। जिले में एक नवंबर से खुले 94 केंद्रों पर पहले दिन से ही सभी तैयारी पूरी करने का दावा किया जा रहा है। दलील दी जा रही है कि किसान ही नहीं आ रहे, जबकि हकीकत में केंद्र ही तैयार नहीं हैं। कहीं इलेक्ट्रानिक कांटों को चलाने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं हुआ है तो कहीं मिलरों से अनुबंध अधूरा है। कई केंद्रों पर बोरे नदारद हैं। किसानों के लिए छाया, पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई है। अपनी उपज बेचने के लिए किसान रोजाना क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, मगर केंद्रों की अव्यवस्था के कारण मायूस लौट रहे हैं।
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जिले में एक लाख एमटी धान खरीदने के लिए पांच क्रय एजेंसियों को 93 क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 32 केंद्र विपणन विभाग के हैं। इसके अलावा पीसीएफ के 27, पीसीयू के 20, यूपीएसएस के 14 और एफसीआई का एक क्रय केंद्र है। सरकारी रिकार्ड में सभी केंद्र एक नवंबर से ही चालू हैं। उन पर जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। किसानों का इंतजार किया जा रहा है। सच्चाई इससे इतर है।
ट्रैक्टर पर धान लेकर खड़ा था किसान, तौल का इंतजार
स्थान: नवीन मंडी स्थल स्थित विपणन विभाग का केंद्र संख्या: 2, 3 और 4
समय: 3:30 बजे।
जिला मुख्यालय पर स्थित नवीन मंडी स्थल में कुल छह क्रय केंद्र बनाए हैं। इसमें चार क्रय केंद्र विपणन विभाग के हैं। उत्तरी छोर पर बने केंद्र संख्या एक पर छह नवंबर से ही खरीद चालू है। अन्य तीन केंद्रों पर बोहनी नहीं हुई है। पड़ताल करने पर पता चला कि इन केंद्रों पर 16 दिन बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया है। जिससे इलेक्ट्रानिक कांटा नहीं चल पा रहा। यहां एक केंद्र बृहस्पतिवार को उमरी निवासी सुरेंद्र पटेल ट्रैक्टर पर धान लेकर पहुंचे थे। केंद्र के बाहर ट्रैक्टर खड़ा कर वह इंतजार कर रहे थे, मगर शाम चार बजे तक कांटा चालू न होने से तौल नहीं हो पाई थी। केंद्र प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने शीघ्र कनेक्शन का आश्वासन दिया है। जल्द तौल होगी।
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16 दिन में चार पत्र, फिर भी नहीं मिली सुविधाएं
स्थान: एफसीआई का क्रय केंद्र
समय: 2:30 बजे।
जिले में एफसीआई का सिर्फ एक क्रय केंद्र है। यहां भी बिजली के अभाव में खरीद शुरू नहीं हुई है। केंद्र पर तौल कांटा रखा है, लेकिन उसे चलाने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं है। केंद्र पर बोरे भी नदारद हैं। अब तक 13 किसान यहां संपर्क कर चुके हैं, जिन्हें साढ़े सात सौ क्विंटल धान बेचना है। बृहस्पतिवार को भी कटौली से पहुंचे किसान ने बताया कि उनकी उपज बिक्री के लिए तैयार है। अभी खरीद शुरू नहीं है। केंद्र प्रभारी चंद्रकमल सिंह ने बताया कि कनेक्शन के लिए लगातार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। चार पत्र लिख चुके हैं। बस आश्वासन मिल रहा है। धान रखने के लिए सिर्फ दो कमरा ही मिला है।
दोपहर में ही बंद मिला क्रय केंद्र
स्थान: पीसीयू का क्रय केंद्र
समय: 2:00 बजे।
नवीन मंडी स्थल के दक्षिण तरफ पीसीयू के क्रय केंद्र पर धान खरीद होने का बैनर लगा है, मगर शाम तक यह केंद्र बंद था। केंद्र के बाहर मिले लोगों ने बताया कि अभी मिलरों से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। किसानों की आवक भी कम है। जल्द ही क्रय केंद्र चालू हो जाएगा।
सभी 93 क्रय केंद्र चालू हैं। नौ केंद्रों पर खरीद भी हुई है। अब तक साढ़े पांच हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। मंडी परिसर में स्थित केंद्रों पर बिजली की समस्या थी, जिसे बृहस्पतिवार को दोपहर बाद दूर करा लिया गया। सभी केंद्रों पर तैयारी पूरी है। कोई किसान वापस नहीं जाएगा। - अमित चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
केकराही में नहीं शुरु हुई धान खरीद
केकराही। किसान सेवा सहकारी समिति पांपी पर नौ नवंबर को 65 क्विंटल धान की खरीद क्षेत्र के कर्की निवासी किसान से हुई थी। दीपावली के अवकाश के बाद बृहस्पतिवार से केंद्र चालू हुआ। केंद्र प्रभारी सुरेंद्र कुमार यादव ने किसानों के आने के साथ खरीद की जाएगी। वहीं किसान सेवा सहकारी संघ केकराही में अभी तक एक भी किसान नहीं है। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक-दो दिन में किसान धान लेकर आएंगे तो खरीद शुरू हो जाएगी।
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