यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन सोमवार से वित्तविहीन शिक्षकों के भारी विरोध के बीच शुरू हो गया। राजकीय कालेजों के 15 शिक्षकों ने पहले दिन मूल्यांकन केंद्र राजकीय कन्या इंटर कालेज राबर्ट्सगंज में
हाईस्कूल की आठ विषयों की 817 कापियों का मूल्यांकन हुआ। उधर वित्तविहीन शिक्षकों का धरना सोमवार को भी जारी रहा।
मूल्यांकन केंद्र राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्सगंज पर सुबह करीब आठ बजे ही जीजीआईसी के 15 शिक्षक पहुंच गए। यहां उप नियंत्रक उषा सिंह की मौजूदगी में कोठार खोल कर शिक्षकों को उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं।
कालेज के सभी प्रवेश द्वार बंद कर मूल्यांकन का कार्य शुरू हुआ। हाईस्कूल के हिंदी के दो प्रशभनपत्र, गृह विज्ञान के दो प्रशभन पत्रों के साथ ही संस्कृत, गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों की कापियाें का मूल्यांकन हुआ।
शाम पांच बजे तक कुल 817 कापियां जांची गईं। उधर, करीब नौ बजे मूल्यांकन केंद्र के मुख्य द्वार पर आठवें दिन धरना देने पहुंचे माध्यमिक शिक्षकों ने मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों का विरोध किया।
यहां हुई सभा में शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक विजय राम पांडेय ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा शिक्षकों पर दबाव बना कर कापियां जंचवाने का प्रयास किया जा रहा है,
लेकिन आंदोलनरत शिक्षकों के एकजुटता का परिणाम है कि आंदोलन के विफल करने की हर कोशिश नाकाम हो जा रही है।
कहा कि प्रशासन शिक्षकों को जबरन धरने से हटाने की कोशिश करता है तो सभी शिक्षक गिरफ्तारी देंगे। इस मौके पर विजेंद्र सिंह, पीएन श्रीवास्तव, गुलाब राय, सुभाग सिंह, उमाकांत मिश्र, देव प्रकाश पांडेय,
महेंद्र नाथ त्रिपाठी, जितेेंद्र सिंह, केके तिवारी, डा. मंजू सिंह, नीलम राय मौजूद रहीं। उधर, डीआईओएस संतोष कुमार मिश्रा के मुताबिक मूल्यांकन की तिथि अब 15 अप्रैल से बढ़ाकर 19 अप्रैल कर दी गई है।