अभियंताओ के उत्पीड़न पर अभियंता संघ ने जताया आक्रोश
सवाद न्यूज एजेंसी।
अनपरा। उत्तर प्रदेश राज्य विधुत परिषद अभियन्ता संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग बैठक कर अभियंताओ के उत्पीड़न पर जमकर आक्रोश जताते हुए उत्पीड़न बंद ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी हैं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल के विकट दौर में पावर कारपोरेशन प्रबन्धन के मनमानेपन, अभियन्ताओं को वृहद स्तर पर दण्डित करने, डराने-धमकाने की कार्य प्रणाली से अभियन्ताओं में व्याप्त रोष एवं आक्रोश से टकराव की स्थिति बनती जा रही हैं। कहा कि अभियन्ताओं को मनमाने तरीके से दिये जा रहे दण्डादेश तत्काल निरस्त किये जाये,ऊर्जा निगमों के बढ़ते घाटे एवं फिजूल खर्ची को रोकने हेतु सभी सलाहकार कम्पनियों/कन्सलटेंटों के अनुबन्धों को निरस्त किया, अनावश्यक ऐप/पोर्टल खत्म करने, 60 साल से ऊपर सभी निदेशक तथा रिटायर लोग हटाये जाने, सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण किये जाने की मांग रखी। विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष वी पी सिंह एवं महासचिव प्रभात सिंह ने कहा कि पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक द्वारा अभियन्ताओं के बड़े पैमाने पर किये जा रहे उत्पीड़न, लगातार एवं असमय की जा रही वीसी, उनके विरूद्ध कराई जा रही अनावश्यक जांचों आदि तमाम उत्पीड़नात्मक एवं भयादोहन वाली कार्य प्रणाली से प्रदेश का लगभग सभी अभियन्ता प्रभावित है एवं उनका मनोबल टूटा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि ऊर्जा निगमों में प्रबन्धन का मनमानापन एवं नकारात्मकता समाप्त नहीं की गयी तो पूरे प्रदेश के बिजली अभियन्ता प्रदेशव्यापी आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। बिजली अभियन्ताओं ने सरकार से मांग की कि ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशान्ति एवं टकराव टालने हेतु प्रबन्धन को स्वस्थ कार्य प्रणाली, अभियन्ताओं का उत्पीड़न रोकने एवं उत्पादन निगम में अभियन्ताओं को दिये गये गम्भीर दण्ड के आदेश तत्काल निरस्त किये जायें। बैठक में शैलेन्द्र दुबे चेयरमैन एआईपीईएफ, अध्यक्ष वी पी सिंह, महासचिव प्रभात सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पल्लब मुखर्जी, अखिलेश कुमार सिंह, राजीव सिंह, दिनेश चन्द्र दीक्षित, सी0पी0 सिंह, रमाकान्त वर्मा, बी0एन0 सिंह, रणवीर सिंह, चन्द्रशेखर, आदि उपस्थित रहे।