पानी की समस्या के कारण घोरावल क्षेत्र में दूर से पानी लाना पड़ता ह
गर्मी शुरू होते ही तहसील क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। तालाब, पोखरे, कुंए और हैंडपंप सूखने लगे हैं। समूचे क्षेत्र में पानी को लेकर मचे हाहाकार को एसडीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधितों को हैंडपंपों में लगे सबमर्सेबुल पंप को निकलवाने के निर्देश जारी किए हैं।
बावजूद इसके उनका निर्देश अमल में नहीं लाया जा रहा। डीएम के आदेश पर एसडीएम गिरजा शंकर सिंह ने 19 मार्च को भेजे निर्देश पत्र में घोरावल कोतवाल, करमा एसओ, राजस्व निरीक्षक घोराव, शाहगंज और शिवद्वार को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी अथवा निजी हैंडपंपों में लगे सबमर्सेबुल पंपों को निकलवा दें।
साथ जिन लोगों ने सरकारी हैंडपंपों में इसे लगा रखा है उनके पंप को जब्त करते हुए कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने खुटहा गांव में लगे हैंडपंपों में सबमर्सेबुल एवं अन्य गांवों में लगे सबमर्सेबुल पंपों को निकलवाने का निर्देश दिया है।
बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। इसकी वजह से समूचे क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इसके पहले भी एक मार्च को एसडीएम ने यह निर्देश दिया था। श्याम दुलारी, रीता, सीफा, वकील अहमद, गुलाब का कहना है कि एक माह से पानी की समस्या बढ़ गई है।
दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य संजूलता, कैलाश, नंदू के घरों से लोगों को पीने का पानी मिल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रबंध नहीं किया गया है।