अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को
कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। उन्होंने ओबरा थाना क्षेत्र के रासपहाड़ी में हुए
विस्फोट सेआठ मजदूरों की मौत और घायलों के संबंध में मुख्यमंत्री को
संबोधित 12 सूत्री मांग-पत्र डीएम को सौंपा।
जिसमें मृतक आश्रितों को 15
लाख और घायलों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने और एक आश्रित को सरकारी
नौकरी की मांग की है।
एटक के जिलाध्यक्ष लल्लन राय ने कहा कि 15
अक्तूबर को रासपहाड़ी पत्थर खनन क्षेत्र में हुए विस्फोट के दौरान आठ
मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और दर्जनों की संख्या में मजदूर घायल हो
गए। इसके पूर्व 27 फरवरी 2012 को भी इसी तरह की घटना हुई थी और 11 मजदूरों
की मौत हो गई और दर्जनों मजदूर घायल हुए थे।
इतना ही नहीं नौ अक्तूबर 2015
को खनन क्षेत्र में आटो पलटने से सात मजदूरों की मौत और पांच मजदूर गंभीर
रूप से घायल हो गए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के करण ऐसा हो रहा
है। यदि पहले से ही ध्यान दिया गया होता तो शायद इस तरह की घटनाएं नहीं
होती।
डीएम को दिए ज्ञापन पत्र में वैध पट्टा पर खनन कार्य कराए जाने मृतक
आश्रितों को 15 लाख और घायलों को पांच लाख मुआवजा दिए जाने, दोषी लोगों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किए जाने, मृतक के एक आश्रितों को सरकारी
नौकरी दिए जाने, मृतक आश्रितों को इंदिरा आवास, लोहिया आवास और महामाया
आवास दिए जाने की मांग शामिल है।
इसके अतिरिक्त श्रमिकों केे हित में कई और
मांगें कह गई हैं।रना में उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष
डा. आरके शर्मा, एटक के जिला महामंत्री अशोक दुबे, राजेंद्र प्रसाद, विनय
कुमार यादव, बीडी शर्मा, आरके सिंह, उमाशंकर गिरी, सुनील सिंह, शकुंतला,
प्रेमचंद गुप्ता, मुनेश्वर सिंह खरवार,आरके सिंह, गोरेलाल, सुशील कुमार आदि
शामिल रहे।मुआवजे के लिए दिया धरना