परिषदीय विद्यालयों की प्रतिभा खोज परीक्षा रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इसमें प्राथमिक विद्यालय शक्तिनगर के देवा कुमार प्रथम, मारकुंडी घाटी के जमुना द्वितीय और कोहरथा के किशन को तीसरा स्थान मिला।
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विजया सिंह ने तीनों बच्चों को बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही इन विद्यालयों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को आठ ब्लाकों के कक्षा पांच के 80 बच्चों की प्रतिभा खोज परीक्षा होनी थी लेकिन इसमें 77 बच्चों ने ही हिस्सा लिया। परीक्षा सुबह दस बजे से 12 बजे तक चली। इसमें सौ अंक के सौ प्रश्न थे।
परीक्षा के बाद कापियों का मूल्यांकन हुआ। फिर परिणाम की घोषणा की गई। इसमें प्राथमिक विद्यालय शक्तिनगर के देवा कुमार प्रथम, मारकुंडी घाटी के जमुना द्वितीय और कोहरथा के किशन को तीसरा स्थान मिला।
इन तीनों बच्चों को क्रमश पांच हजार, तीन हजार और दो हजार रुपये देकर डीएम ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि बच्चों का भविष्य निखारने का कार्य स्कूलों के अध्यापक ही करते हैं। बच्चेे देश के भविष्य होते हैं।
डीएम ने समारोह में मौजूद कक्षा पांच के अंबुज तिवारी, देवा कुमार, किशन, नागेंद्र प्रसाद यादव, निखिल, सुनील कुमार, उत्कर्ष, वासिफ रजा के व्याख्यान को सराहा।
कार्यक्रम में प्रथम स्थान से लेकर बीसवां स्थान पाने वाले बच्चों को समारोह पूर्वक सम्मानित करने के साथ ही जिला स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा में शामिल सभी 77 बच्चों को प्रशस्ति-पत्र के साथ माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
डीएम की पत्नी ने रेस में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विमलेश कुमार, संदीप कुमार और सूर्यचंद्र को अपनी ओर से एक-एक हजार रुपये देकर उनका हौसला बढ़ाया।