स्थानीय थाना क्षेत्र के धूमा गांव में रविवार को हाथियों के झंुड ने जमकर उत्पात मचाया। लोगों के खेतों की अरहर की फसल, खलिहान में रखे धान के बोझ को नष्ट कर दिया। एक व्यक्ति के मकान का खपरैल भी तोड़ डाला। उग्र हाथी गांव में भी घुस गए जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों ने किसी प्रकार से पटाखे छोड़ हाथियों को गांव से भगाया।
झारखंड और छत्तीसगढ़ के जंगलों से हाथियों का झंुड अक्सर सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्रों में आ जाता है, लाखों की क्षति करता है। रविवार को भी एक बार फिर ऐसा हुआ। धूमा गांव में हाथियों का झंुड पहुंचा और खेतों में जमकर उत्पात मचाया। फसलों को क्षति पहुंचाई। रमेश यादव पुत्र शंकर के घर के बाहर पेड़ से बांधी गई बकरी पर हाथियों ने हमला कर दिया लेकिन बकरी का शोर सुनकर घर वाले जाग गए। लोगों के शोर मचाने पर हाथियों ने रमेश के मकान का खपरैल क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी दौरान एक हाथी बस्तियों मे घुस गया। ग्रामीण शोर मचाने लगे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पटाखा जलाकर हाथियों के समूह को झारखंड के जंगलों की ओर खदेड़ दिया। लोगों में वन विभाग के किसी कर्मचारी के न पहुंचने पर असंतोष रहा। गांव के प्रधान रामप्रसाद, भोला यादव, सुरेश, रमेश, नंदलाल, बहोरी, राकेश का कहना था कि हर वर्ष हाथियों का झंुड आसपास के गांवों में आता है और तबाही मचाता है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई मदद नहीं की जाती है।