अनपरा। पर्यावरण के अनुकूल रहने की अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने ऊर्जा के गैर नवीनीकरण स्रोतों पर निर्भरता को कम करने, ऊर्जा के उपयोग में दक्षता लाने और गैर पारम्परिक स्रोतों का उपयोग करके अपनी ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। क्षेत्रीय रेलवे उपयोग परामर्श दात्री समिति के सदस्य एस के गौतम ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये उत्तर मध्य रेलवे तीव्र गति से अपने ब्राडग्रेज नेटवर्क का विधुतीकरण कर रहा है। वर्ष 2019-20 के दौरान 226 किमी ब्राडगेज मार्गो का विद्युतीकरण किया गया जिसमें प्रयागराज मंडल के चुनार-चोपन का महत्वपूर्ण खण्ड शामिल है। जिसका उपयोग दैनिक आधार पर औसतन 5 मालगाडिय़ो को चलाने के लिए किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक इंजनो के उपयोग में वृद्धि और डीजल इंजन की गहन निगरानी के माध्यम से 160 लाख लीटर हाईस्पीड डीजल की बचत की गयी। नवीनीकरण ऊर्जा स्रोत के उपयोग में उत्तर मध्य रेलवे 11 मेगावाट के स्थापित सौर संयंत्र की क्षमता वाला प्रमुख रेलवे बन गया है। कोयला या गैस संयंत्रो से प्राप्त होने वाली बिजली के बजाय प्रतिवर्ष 85.55 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उपयोग करता है। जो नवीनीकृृत स्रोत है। सौर ऊर्जा का उपयोग करने के अलावा उत्तर मध्य रेलवे अपने 1600 कोच,265 कार्यालयों ,338 स्टेशनो,02 कार्यशालाओं और 26000 रेलवे क्वार्टरों में 100 ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइंटिग का प्रयेाग कर रहा है जिससे सालाना 1.5 करोड अतिरिक्त बिजली की बचत होती है।