बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत बिजली कर्मियों ने मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज डिविजन कार्यालय पर धरना दिया। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे कर्मचारियों ने निजीकरण को जनविरोधी करार दिया।
किसी भी हाल में निजीकरण न होने देने की आवाज बुलंद की। धरने में वक्ताओं ने कहा कि निगम प्रबंधन आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर घाटे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे हैं।
आम उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डालना चाहते हैं, जबकि इसके पीछे मुख्य मकसद निजी घरानों की मदद करना है। पावर कारपोरेशन ने अपने एआरआर को चार दिन के अंदर पुनरीक्षित कर घाटा बढ़ाचढ़ा कर नया एआरआर दाखिल किया है।
यह सब निजीकरण से पहले निजी घरानों की मदद करने के लिए किया जा रहा है। पावर कॉरपोरेशन की ओर से एक दिन पहले जारी सारे आंकड़े भ्रामक हैं और जानबूझकर तोड़ मरोड़ कर रखे गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि विरोध प्रदर्शन का यह कार्यक्रम 28 मई तक चलेगा। इसके बाद 29 अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को बाध्य होगा। धरना प्रदर्शन में सुरेश यादव, शिवम गुप्ता, राहुल सुंदरम, विवेक कुमार, महेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, रामलाल, अविनाश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।