अनपरा। मौसम में बदलाव के कारण बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे निगम और निजी क्षेत्र की तापीय इकाइयों से उत्पादन कम कर दिया गया है। वहीं, जलस्तर सही होने के कारण जलविद्युत इकाइयां अपनी पूर्ण क्षमता से बिजली का उत्पादन कर रही हैं। बीते सोमवार की देर रात पीक आवर में बिजली की मांग 27407 मेगावाट दर्ज की गई थी। बारिश के बाद तापमान कम होने पर अगले ही दिन यह मांग 1852 मेगावाट घटकर 25555 मेगावाट पर पहुंच गई। बुधवार की देर रात पीकआवर में मांग फिर से 426 मेगावाट बढ़कर 25981 मेगावाट हो गई। मांग में कमी के चलते निगम की अनपरा तापीय परियोजना से 613 मेगावाट कम उत्पादन हुआ। ओबरा बी की इकाइयों से भी 309 मेगावाट का उत्पादन कम किया गया। इसके विपरीत, रिहंद की सभी जलविद्युत इकाइयों से कुल 284 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। ओबरा की जलविद्युत इकाइयों ने भी कुल 89 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया। बिजली की मांग में कमी आने पर तापीय विद्युत इकाइयों पर दबाव कम हुआ है। अनपरा और ओबरा बी जैसी प्रमुख तापीय परियोजनाओं ने उत्पादन में कटौती की है। वहीं, पर्याप्त जलस्तर के कारण रिहंद और ओबरा की जलविद्युत इकाइयां पूरी क्षमता से चल रही हैं। यह स्थिति बिजली आपूर्ति को संतुलित रखने में सहायक सिद्ध हो रही है।