विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का परियोजना गेट पर मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक धरना शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। पांच दिन बीतने के बावजूद मांगें नहीं माने जाने से नाराज संघर्ष समिति ने मांगें पूरी होने तक अघोषित आंदोलन की घोषणा कर दी है।
हरदेव नारायण तिवारी ने कहा कि यदि कर्मचारी सुविधाओं के नजरिए से देखा जाए तो शायद ही कोई घर या सड़क ऐसी हो जो लोगों की आकांक्षाओं की कसौटी पर खरा उतरता हो। इसकी मुख्य वजह परियोजना अधिकारियों में इच्छाशक्ति और संकल्प की कमी तो है ही सोच का अभाव भी है। अजय सिंह ने कहा कि संघर्ष समिति की ओर से विगत दिनों पांच अगस्त को ही समस्त कर्मचारी ज्वलंत समस्याओं के संबंध में परियोजना मुख्य महाप्रबंधक को अवगत करा दिया गया था, लेकिन महाप्रबंधक द्वारा कर्मचारी समस्याओं के निराकरण निस्तारण में कोई रुचि नहीं लिया गया। उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को हीन समझकर व्यवहार करना, आपस में बैठकर बातचीत करने में अपना अपमान समझना और कर्मचारियों के दैनिक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए भी विश्वास में ना लेना औद्योगिक संबंधों को खराब करता है। शाहिद अख्तर, योगेंद्र कुमार और सतीश कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार की एक ऐसी अपसंस्कृति जो अधिकारियों को अपने मकड़जाल में फांसकर बर्बाद कर रही है जिसका परिणाम यह है कि उच्चाधिकारियों द्वारा कर्मचारी समस्याओं के निराकरण में कोई रुचि नहीं लिया जा रहा है। संचालन योगेंद्र प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समस्त घटक दलों के अध्यक्ष मंत्री के साथ साथ श्रमिक संगठनों के प्रांतीय एवं केंद्रीय प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।