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Sonebhadra News: बारिश थमते ही बढ़ी बिजली की मांग, 3738 मेगावाट का उछाल

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अनपरा। आंधी-बारिश थमने के बाद बिजली की मांग एक बार फिर बढ़ने लगी है। रविवार देर रात पीकआवर में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 17,616 मेगावाट पहुंच गई। शनिवार देर रात की तुलना में मांग में 3,738 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई। मांग बढ़ने के बावजूद उत्पादन निगम की चार और निजी क्षेत्र की दो परियोजनाओं की इकाइयों से उत्पादन अभी बंद है।
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आंधी-पानी के बाद शनिवार देर रात पीकआवर में बिजली की अधिकतम मांग 13,878 मेगावाट तक पहुंची थी। मांग में कमी के कारण उत्पादन निगम की चार परियोजनाओं की इकाइयों से उत्पादन पूरी तरह बंद करा दिया गया था। वहीं अनपरा समेत निजी क्षेत्र की इकाइयों से उत्पादन आधा कर दिया गया था। जलविद्युत परियोजनाओं की इकाइयों से भी उत्पादन घटाया गया था।
स्थिति सामान्य होने के बाद रविवार देर रात पीकआवर में बिजली की अधिकतम मांग में 3,738 मेगावाट की वृद्धि हुई और यह 17,616 मेगावाट तक पहुंच गई। इसके बावजूद मांग के अनुरूप उत्पादन व्यवस्था को समायोजित किया जा रहा है।
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5 अक्तूबर तक तीन परियोजनाओं की इकाइयां रहेंगी बंद
बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट से बिजली की मांग में कमी आई थी। इसके चलते उत्पादन निगम की हरदुआगंज तापीय परियोजना की चार, जवाहरपुर की दो और पारिछा की चार इकाइयों को 5 अक्तूबर तक मांग कम रहने के कारण बंद किया गया है। वहीं ओबरा तापीय परियोजना की पांच इकाइयों को 29 सितंबर तक बंद रखा गया है। इस बीच अनपरा तापीय परियोजना की सभी इकाइयों से कुल 656 मेगावाट का थर्मल बैकिंग कराया गया। निजी क्षेत्र की एमईआईएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड की दोनों इकाइयों से भी 470 मेगावाट का थर्मल बैकिंग कराया गया।
रिजर्व शट डाउन मोड पर रहीं ओबरा की दो इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू
ओबरा (सोनभद्र)। मांग में कमी के कारण रिजर्व शट डाउन मोड में रही ओबरा परियोजना की दो इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। सोमवार की दोपहर में 200-200 मेगावाट क्षमता वाली दसवीं और 13वीं इकाई को लाइटअप कर शाम को बिजली उत्पादन शुरू कर लिया गया।
बताते चलें कि गत दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बरसात और तेज हवाओं के कारण तापमान में अत्यधिक गिरावट दर्ज की गई। इस वजह से बिजली की मांग में अप्रत्याशित कमी आई थी। बिजली निगम प्रबंधन ने ओबरा बी तापीय परियोजना की इकाइयों को रिजर्व शट डाउन मोड पर डालकर अस्थायी तौर पर उत्पादन बंद कर दिया। इकाइयों के बंद होने से ओबरा परियोजना से बिजली उत्पादन शून्य हो गया था। सोमवार को समाचार दिए जाने तक ओबरा बी तापीय परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता वाली 10वीं इकाई से 39 मेगावाट और 13वीं इकाई से 53 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. दूधनाथ ने बताया कि निगम मुख्यालय के आदेश पर दो इकाइयों को लाइटअप कर बिजली उत्पादन शुरू कर लिया गया है। देर रात तक अन्य इकाइयों को भी लाइटअप कर लिया जाएगा।
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