प्रदेश में बिजली की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। 24 घंटे में एक हजार मेगावाट बिजली की मांग बढ़ गई। रविवार को बिजली की मांग साढ़े 27 हजार मेगावाट के पार चली गई। निगम ने कोयले का पर्याप्त स्टॉक भी कर लिया है।
शुक्रवार को पीक आवर में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग जहां 24075 मेगावाट पर थी। वहीं अगले दिन बिजली की अधिकतम मांग 300 मेगावाट घटकर 23778 मेगावाट पर आ गई। जबकि न्यूनतम मांग में एक हजार मेगावाट बढ़कर 16428 मेगावाट पर चली गई।
मगर 24 घंटे बाद ही बिजली की मांग में एक हजार मेगावाट का इजाफा हुआ, जो 24775 मेगावाट पर चली गई और न्यूनतम मांग 1500 मेगावाट बढ़कर 18007 मेगावाट पर चली गई। बिजली की बढ़ती मांग के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उत्पादन निगम की परियोजनाओें ने भरपूर कोयला का स्टाॅक कर लिया है।
अनपरा तापीय परियोजना ने मानक का 88 फीसद यानी 554.7 हजार टन, हरदुआगंज ने मानक का 121 प्रतिशत यानी 601.5 हजार टन, ओबरा ने मानक का 43 प्रतिशत यानी 295.7 हजार टन, जवाहरपुर ने मानक का 59 प्रतिशत यानी 139.1 हजार टन, पारीछा ने मानक का 88 प्रतिशत यानी 324.3 हजार टन कोयला अपने यहां स्टॉक कर लिया है।
वहीं निजी क्षेत्र के लैंको अनपरा तापीय परियोजना में अभी कोयले की कमी बरकरार है। लैंको में अभी मानक का आठ प्रतिशत यानी 20.7 हजार टन कोयला स्टॉक बचा हुआ है। निगम की परियोजनाओं में लगातार कोयले का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है।