मानसून सीजन में भी कम वर्षा के कारण 26 हजार मेगावाट के रिकार्ड स्तर पर पहुंच चुकी बिजली की मांग में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के बाद भी कोई खास कमी नहीं आई है। शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 23476 मेवा दर्ज किया गया।
रोजाना लगभग एक हजार मेवा बिजली की मांग की घटत और बढ़त का क्रम जारी है। इससे कुछ निजी और सरकारी परियोजनाओं की कोयले की किल्लत भी दूर नहीं हो पा रही है। बिजली की मांग का न्यूनतम आंकड़ा तो अपने पुराने स्थान पर पहुंच गया है। लेकिन अधिकतम मांग का आंकड़ा अब भी उच्च स्तर पर है। शुक्रवार को दर्ज किए गए रिकार्ड में अधिकतम मांग 23476 मेवा और न्यूनतम मांग 16983 मेवा दर्ज की गई। इस दौरान बिजली परियोजनाओं से भी फुल लोड पर उत्पादन किया गया। सरकारी बिजली परियोजनाओं से 4197 मेवा और निजी परियोजनाओं से 6235 मेवा बिजली का उत्पादन हुआ।