शक्तिनगर। एनसीएल की तेल आपूर्ति में बड़ा गड़बड़झाला उजागर हुआ है। लंबे समय से ट्रांसपोर्टरों के जरिए कोयला खदानों में तेल का खेल खेला जा रहा था। हजारों लीटर डीजल चोरी का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने शुक्रवार को शक्तिनगर से छह लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से आठ लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ पूछताछ में जुटी है। एनसीएल की कोयला खदानों में डीजल आपूर्ति व वितरण टोटल फ्यूल मैनेजमेंट (टीएफएम) के जरिए होती है। इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने टीएफएम के संचालन का जिम्मा अनपरा की एक फर्म को अनुबंध के जरिए दिया है। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक इसी व्यवस्था में टीएफएम संचालनकर्ता ने सेंधमारी की और ट्रांसपोर्टरों के जरिए आईओसीएल के मुगलसराय टर्मिनल से एनसीएल की यूपी क्षेत्र में स्थित कोयला खदानों में ट्रक-टैंकर (टीटी) के जरिए आपूर्ति होने वाले तेल में खेल शुरू हुआ। खदानों में पहुंचे कम डीजल को टीएफएम से जुड़े निजी फर्म के नुमाइंदे एनसीएल के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर मैनेज करते थे। जांच में यह भी उजागर हुआ कि इस कारोबार से एनसीएल को करोड़ों की चपत लग चुकी है। एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के प्रभारी निरीक्षक पुनीत सिंह परिहार ने बताया कि पिछले दिनों चंदौली के अलीनगर (मुगलसराय) स्थित इंडियन आयल डिपो से एक टैंकर 29 हजार लीटर डीजल लेकर एनसीएल दुद्धीचुआ परियोजना के लिए निकला था। टैंकर दुद्धीचुआ खदान न जाकर सीमा से सटे मप्र के एक पेट्रोल पंप पर पहुंच गया। पंप पर करीब 17 हजार लीटर डीजल बेच दिया गया। डीजल बेचकर वापस आ रहे टैंकर को दुद्धीचुआ गेट पर घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। जांच व तलाशी में टैंकर में मौजूद 12 हजार लीटर डीजल साहित डीजल बिक्री के आठ लाख रुपये बरामद हुए। एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि डीजल टैंकर को लोकेशन दे रहे आगे चल रही कार में सवार कुल छह लोगों को हिरासत में लेकर शक्तिनगर थाना पर लाकर पूछताछ की जा रही है। इसमें एक ट्रांसपोर्टर के संग टीएफएम से जुड़े पांच कर्मी मौजूद हैं। यह भी बताया गया कि टीएफएम ठेकेदार को भी एसटीएफ उठाकर थाने तक लाई। इस बीच उसकी तबीयत बिगड़ गई। एसटीएफ निरीक्षक श्री परिहार ने बताया कि 12 हजार लीटर डीजल से भरा टैंकर, दो कारों को थाने में दाखिल करा दिया गया है। पुष्पराज यादव, राजेश यादव, अशोक यादव, मुहम्मद मकबूल खान, चालक कलीम तथा मुर्तुजा खान को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में एनसीएल अधिकारियों व मप्र स्थित पंप के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच होगी।