सोनभद्र/अनपरा। तापमान में गिरावट ने बिजली खपत घटा दी है। मांग में लगातार कमी को देखते हुए यूपी की 14 बिजली इकाइयों से उत्पादन 30 तक के लिए ठप कर दिया गया है। वहीं अनपरा और अनपरा सी की एक-एक इकाई को वार्षिक अनुरक्षण पर लेकर उसे दुरूस्त करने का कार्य जारी है। फिलहाल 18 हजार मेगावाट के आसपास अधिकतम मांग बनी हुई है, जबकि न्यूनतम मांग लुढ़ककर 10 हजार मेगावाट तक आ गई है।
यूपी लोड डिस्पैच सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक सितंबर तक जहां बिजली की मांग 30 से 32 हजार मेगावाट के इर्द-गिर्द थी। वहीं अक्तूबर में तापमान में नरमी के साथ यह मांग घटकर 20 हजार मेगावाट पर आ गई। अक्तूबर में यह आंकड़ा 18 हजार मेगावाट पर आ गया है। एक सप्ताह पूर्व बिजली की अधिकतम मांग 17 से 18 हजार मेगावाट दर्ज की जा रही थी।
ठंड में बढ़ोत्तरी का क्रम शुरू होने के बाद इसमें थोड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। पिछले चार दिन से पीक ऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 19600 मेगावाट के इर्द-गिर्द बनी हुई है। बृहस्पतिवार की शाम पीक ऑवर में जहां बिजली की 18684 मेगावाट दर्ज की गई। वहीं शुक्रवार को दिन में यह आंकड़ा 16 हजार मेगावाट के आस-पास बना रहा।
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इन इकाइयों से बंद रखा गया है उत्पादन
बिजली की कम खपत (लो डिमांड) को देखते हुए 45-45 मेगावाट वाली बजाज एनर्जी की आठ इकाइयां 30 नवंबर तक के लिए बंद कर दी गई हैं। हरदुआगंज की कुल 1265 मेगावाट क्षमता की चार, जवाहरपुर की 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां 30 नवंबर तक बंद रखी गई हैं। वहीं दूसरी तरफ सोनभद्र में सबसे सस्ता बिजली इकाइयों को देख्रते हुए क्रमवार उन्हें दुरूस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। सिस्टम कंट्रोल के मुताबिक अनपरा और अनपरा सी की एक-एक इकाइयां वार्षिक अनुरक्षण पर ली गई है जिन्हें 30 नवंबर से नौ दिसंबर के बीच अनुरक्षण कार्य पूर्ण कर उत्पादन पर लाने की समयसीमा तय की गई है।