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शक्तिनगर-चोपन के बीच जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन

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शक्तिनगर। शक्तिनगर-चोपन के बीच जल्द इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएंगी। बृहस्पतिवार को रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी) आनन्द मोहन चौधरी ने विद्युतीकरण कार्य सहित कई अन्य कार्यों का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश भी दिया। संरक्षा आयुक्त के साथ पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य परियोजना निदेशक (विद्युतीकरण) एके चौधरी तथा उप मुख्य अभियंता (रेलवे विद्युतीकरण) पूर्व मध्य रेलवे अशोक कुमार भी मौजूद रहे। अफसरों ने शक्तिनगर से करैला रोड स्टेशन के बीच 32 किमी रेल खण्ड में हुए विद्युतीकरण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। क्षेत्रीय रेल उपयोग कर्ता परामर्शदात्री समिति (रेलवे बोर्ड) उत्तर मध्य रेलवे एसके गौतम ने बताया कि शक्तिनगर से करैला रोड तक का विद्युतीकरण कार्य एक माह पहले पूरा हो चुका है। करैला रोड से शक्तिनगर के बीच ट्रायल के तहत लोको चलाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। शक्तिनगर से करैला रोड 65 किमी स्पीड से तथा करैला रोड से चोपन 75 किमी स्पीड से रेल गाड़ियां चलेंगी। कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के निरीक्षण के इंतजार में इस रेल खण्ड पर विद्युत इंजन से रेल गाड़ियां नहीं चल पा रही थीं। सीआरएस के निरीक्षण का प्रमाण पत्र मिलते ही एक सप्ताह में इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र कोयला लोडिंग के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण है। ज्ञात हो, गढ़वा रोड-चोपन-सिगरौली रेलखंड के 257 किलोमीटर के हिस्से में विद्युतीकरण कार्य पहले ही पूरा हो गया है। इस रेल खण्ड पर बिजली इंजन से मालगाड़ियां चल रही हैं। चोपन से चुनार रेल खण्ड पर भी विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है तथा इस रेल खण्ड पर बिजली से मालगाड़ियां चलाई जा रही हैं।
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ईंधन खर्च में आएगी कमी
शक्तिनगर। करैला रोड से शक्तिनगर के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने से रेलवे के ईंधन खर्च में कमी आने के साथ ही कोयला लोडिंग में भी वृद्धि होगी। यात्री कम वक्त में गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। खासकर इलेक्ट्रिक से डीजल इंजन के परिवर्तन में खर्च होने वाला समय भी बचेगा। कार्बन उत्सर्जन कम होने से प्रदूषण कम होगा।
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