बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड एवं मध्य प्रदेश से घिरे सोनभद्र में विधान सभा चुनाव के दौरान नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए खुफिया तंत्र भी पूरी तरह से तैयारी कर चुका है। जबकि जनपद में बार्डर पर सीआरपीएफ के साथ ही पुलिस भी सतर्क है। पुलिस पूर्व में नक्सल गतिविधियों से जुड़े लोगों पर पैनी नजर रख रही है। उधर, अभिसूचना विभाग के एसपी ने सोनभद्र एसपी लल्लन सिंह से 1997 से अब तक गिरफ्तार एवं फरार नक्सलियों के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
नक्सल प्रभावित सोनभद्र में 1997 से वर्ष 2012 तक नक्सलियों की सक्रियता रही है। इधर विधानसभा चुनाव को देखते हुए पिछले कुछ माह पूर्व अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ के एसपी ने सोनभद्र के एसपी से वर्ष 1997 से अब तक गिरफ्तार एवं फरार नक्सलियों एवं उनके परिवार के मुखिया का नाम, गिरफ्तारी का दिन, अभियोग का विवरण, विवेचक का नाम, कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित करने की तिथि सहित 31 बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा था। एसपी ने सूचना एकत्र करवाकर भेज भी दिया। खुफिया सूत्रों से विस चुनाव के दौरान सीमावर्ती इलाकों में बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के माओवादी नक्सली घटनाओं को अंजाम देकर यूपी में घट रही साख को पूरा करने की फिराक में हैं। इसका इनपुट मिलने के बाद पुलिस एलर्ट हो गई है। एसपी लल्लन सिंह ने कहा कि अभिसूचना मुख्यालय के एसपी ने जो सूचनाएं मांगी थी उसे भेज दिया गया। बिहार, झारखंड, एमपी और छत्तीसगढ़ बार्डर को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया है। जंगली इलाकों में पुलिस सघन कांबिंग कर संदिग्ध व्यक्तियों का पता लगा रही हैै। मुखबिरों को भी एलर्ट कर दिया गया हैै।