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आठ माह में दो बार बदले विवेचक

Sun, 25 Dec 2016 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
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राबर्ट्सगंज में करीब आठ माह पूव हुए फ्लाईओवर हादसे की जांच एक बार फिर शुरू हो गई है। बीच में कई माह तक जांच बंद थी और पूर्व की जांच में कोई नतीजा नहीं निकल सका था। पिछले आठ माह में इस मामले की जांच में दो बार विवेचक बदल चुके हैं। अब नए विवेचक को जांच के लिए नामित किया गया है।
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रोंगटे खड़े कर देने वाला राबर्ट्सगंज का फ्लाईओवर हादसा शायद ही किसी के जेहन से उतरा होगा। रात्रि में एक बाइक पर सवार तीन युवक और एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में इस हादसे में बाइक समेत बुरी तरह से जल गए थे। इसमें चारों की मौत हो गई। मृत युवकों की शिनाख्त तो कर ली गई लेकिन युवती की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मोटर साइकल कैसे जली और उस पर सवार आखिरकार किस केमिकल से जले कि मौके पर ही दो युवकों और युवती ने दम तोड़ दिया, कुछ दिन बाद एक युवक ने वाराणसी में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, इसका अब तक पता नहीं चल सका। मामले की जांच के लिए काफी दबाव पड़ने पर वाराणसी जोन के आईजी ने तब मिर्जापुर क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंपा था। पहले इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच के एसआई शिव गणेश कर रहे थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह जांच योगेंद्र यादव को सौंपा गया, लेकिन वे भी कोई रिजल्ट नहीं निकाल सके। अभी यह जांच चल ही रही थी कि बाद में योगेंद्र को भी जांच से हटा दिया गया। इसके पीछे क्या वजह रही, यह तो महकमें के उच्चाधिकारी ही समझें लेकिन अब मामले की जांच इसी ब्रांच के एसआई राजेश सिंह कर रहे हैं। शुक्रवार को यहां जांच में आए एसआई राजेश ने मौका मुुआयना किया, मृतकों के परिवार वालों से पूछताछ की लेकिन यह सवाल अब भी लोगों के जेहन में जिंदा है कि आखिरकार मृत युवती कौन थी। आखिरकार उसकी पहचान अब तक क्यों नहीं हो सकी।
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