वन क्षेत्र अंतर्गत बर्दिया गांव में एक घर से मंगलवार को आठ फीट लंबा मगरमच्छ पकड़ा गया। बरामदे में छिपकर बैठे मगरमच्छ को देख लोग सहम गए। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ का रेस्क्यू कर मुक्खा फाल के जलाशय में छोड़ दिया।
बर्दिया गांव में मंगलवार सुबह नीरज भोरतिया के परिवार के सदस्यों ने बरामदे की ओर कुछ हलचल महसूस की। उधर नजर गई तो विशालकाय मगरमच्छ बरामदे से कमरे की ओर जाता दिखा। शोर मचाते हुए परिजन बाहर की ओर भागे। मगरमच्छ मिलने की सूचना पर घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
लोगों को देख कर मगरमच्छ लोहे के हल के नीचे छिप गया। वन दरोगा राजन मिश्रा, वन्य जीव रक्षक अभिलाष वर्मा, रामलखन, सूबे, अभय कुमार व राकेश कुमार की टीम मौके पर पहुंची। रस्सी व बांस के सहारे करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ लिया।
उसे मुक्खा फाल के जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष गर्मी में अब तक अलग अलग गांवों की आवासीय बस्ती व खेतों से करीब 15 मगरमच्छ पकड़े जा चुके हैं। गर्मी में नदी तालाब सूखने से मगरमच्छ भोजन व पानी की तलाश में भटक कर ग्रामीण इलाकों में आ सकते हैं।
ऐसे में बेलन नदी, बकहर नदी और तालाबों के आसपास के इलाकों में मगरमच्छ मिलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने अपील की है कि ग्रामीण इलाकों में खेतों और झाड़ियों के पास सावधानी पूर्वक आवागमन करें। मगरमच्छ दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें।