विद्युत विभाग ने लाखों रुपये विद्युत बिल बकाए पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, इसी परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र की बिजली काट दी है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड की बिजली भी करीब 20 लाख रुपये बकाए में गुल कर दी गई है। इससे सर्वाधिक प्रभाव प्रसवोत्तर केंद्र पर पड़ा है। स्वास्थ्य कर्मी यहां गर्भवतियों का प्रसव अंधेरे में कराने के लिए विवश होंगी, वजह कि यहां जेनरेटर की भी व्यवस्था नहीं है।
राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड ने बकाए विद्युत बिल की वसूली को लेकर एक बार फिर अभियान छेड़ दिया है। गैर सरकारी विद्युत उपभोक्ताओं के अतिरिक्त सरकारी कार्यालयों में भी बकाए को लेकर कनेक्शन विच्छेदन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात सहायक अभियंता अनिल कुमार की अगवाई वाली विद्युत टीम ने लोक निर्माण विभाग के दो खंडों की लाइन काट दी। इसमें प्रांतीय खंड का करीब 12 लाख और निर्माण खंड का करीब आठ लाख रुपये विद्युत बिल बकाया है। राबर्ट्सगंज पोस्ट आफिस का करीब तीन लाख 67 हजार रुपये बकाया होने पर कनेक्शन काटा गया।
इसी तरह अभियंताओं ने स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में भी कनेक्शन विच्छेदन किया। यहां का भी लाखों रुपये बिल बकाया है। विभाग ने ब्लड बैंक और पुराने सीएमओ कार्यालय परिसर में संचालित प्रसवोत्तर केंद्र का भी कनेक्शन काट दिया है। हालांकि बाद में ब्लड बैंक का कनेक्शन जोड़ दिया गया। प्रसवोत्तर केंद्र का कनेक्शन कटने से गर्भवती महिलाओं के समक्ष विकट समस्या खड़ी हो गई है। दरअसल यहां जेनरेटर की भी व्यवस्था नहीं है कि बिजली कटने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर प्रसव कराया जा सके।
खास बात यह भी है कि एक तरफ जहां केंद्र और प्रदेश की सरकारें जन्म और मृत्यु दर को लेकर चिंतित हैं। जन्मदर को बढ़ावा देने के लिए प्रसवोत्तर केंद्रों पर बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर गंभीर नहीं है। इससे रात में प्रसव को लेकर परेशानी हो सकती है।