दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर पिपरी में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते लोग।
दुद्धी एसडीएम के पिपरी स्थित न्यायालय परिसर में शुक्रवार को दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने धरना-प्रदर्शन कर जिला बनाने के समर्थन में आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने 389 राजस्व गांवों वाले क्षेत्र को जिले का दर्जा की मांग उठाई। अपने मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
मोर्चा के पारस नाथ गुप्ता ने कहा कि दुद्धी जिला बने इसके तहत 389 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। इससे कम राजस्व गांवों वालों को जिले का दर्जा दे दिया गया है। कहा कि शामली में 264, बागपत में 287, हापुड़ में 331, गौतमबुद्ध नगर में 381 राजस्व गांवों को शामिल कर जिले का दर्जा दे दिया गया है। ऐसे में दुद्धी को भी तत्काल जिले का दर्जा मिलना चाहिए। ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि 14 जुलाई 1994 को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पिपरी में सोनभद्र जिले की आधारशिला रखी थी। इसके अलावा जब से दुद्धी को जिला बनाने की मांग की जा रही है, बार-बार आश्वासन दिया जा रहा, फिर भी अभी तक घोषणा नहीं की गई। ऐसे में सरकार को दुद्धी जिले की घोषणा कर देनी चाहिए।
सभा के उपरांत मोर्चा के लोगों ने दुद्धी एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह को विभिन्न मांगों से संबोधित ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने कहा कि एक न एक दिन दुद्धी को जिला बनना है, क्योंकि जिला बनने का हर मानक पूरा कर रहा है। उधर वक्ताओं ने पिपरी में अस्थायी जिलाधिकारी कार्यालय बनाए जाने पर हर्ष जताया। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र कुमार, अरविंद कुमार यादव, अमिताभ जायसवाल, रवि चौरसिया, रवि पांडेय, गोपाल तिवारी, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।