दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर शनिवार को अधिवक्ताओं ने दुद्धी कचहरी गेट पर प्रदर्शन किया। इसके अलावा कचहरी परिसर से जुलूस निकाल जो तहसील तिराहे से होते हुए न्यायालय परिसर पहुंचा, जहां सभा के रूप में तब्दील हो गया।
इस दौरान वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया, जिसके चलते न्यायालय का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे।
न्यायालय परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता प्रेमचंद्र यादव और रामपाल जौहरी ने कहा कि प्रदेश सरकार दुद्धी को अविलंब जिला घोषित कर दुद्धी जैसे पिछड़े आदिवासी क्षेत्र को विकास की राह सुगम करे।
कहा कि जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज होने की वजह से यहां के आदिवासियों को वहां पहुंचने में काफी समय और धन खर्च करना पड़ता है, क्योंकि यहां से आने-जाने में 150 किमी दूरी का सफर करना पड़ता है।
अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि और जवाहर लाल ने कहा कि सोनभद्र के मानचित्र देखने से स्पष्ट हो जाता है कि दुद्धी, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के बार्डर पर सुदूर क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में दुद्धी को जिला बनाए बगैर क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। प्रदर्शन करने वालों में नंदलाल, प्रभू सिंह, महेंद्र जायसवाल, शशि गुप्ता, सत्यनारायण यादव, अजय, रमेश आदि शामिल रहे।