एडीएम ने डूडा के पीओ से कांशीराम शहरी आवासों की सूची तलब की है। जांच और सत्यापन अब एडीएम के निर्देशन में होंगे। राबर्ट्सगंज नगर में आवास आवंटन में कई पात्र व्यक्तियों का नाम हटा दिया गया है। इसके विरोध में लोगों ने मंगलवार को डूडा कार्यालय में धावा बोला था। भीड़ का आक्रोश देखकर कर्मचारी फरार हो गए थे।
पिछले बसपा शासन काल में राबर्ट्सगंज नगर में कांशीराम आवास का निर्माण कार्य शुरु हुआ था। डीएम ने158 आवासों को गरीबों को आवंटन करने के लिए त्रिस्तरीय टीम गठित की थी। इस टीम में नगर पालिका, राजस्व और डूडा के एक-एक सदस्य शामिल थे। पिछले कुछ दिनों पूर्व त्रिस्तरीय टीम ने पात्रों का चयन कर आवंटन के लिए सूची डूडा कार्यालय को दे दी। यहां रातोंरात कई पात्र व्यक्तियों का नाम काट कर उनके स्थान पर एक माननीय चौकीदार समेत अन्य लोगों का नाम शामिल कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर लोग आग बबूला हो गए। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने फिलहाल आवास के आवंटन की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने बताया कि डूडा विभाग के पीओ से आवास आवंटन की फाइल को तलब किया गया हैै। उन्होंने बताया कि सदर एसडीएम को आवास के आवंटन में हुई धांधली की शिकायत की जांच सौंपी गई हैै। कहा कि आवास के लिए चयनित जिन लोगों को अपात्र बताया जा रहा है उनके बारे में वह खुद जांच करेंगे। शिकायत सही मिलने पर अपात्रों का चयन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उधर एडीएम के इस निर्णय से माननीय के दबाव में आकर अपात्रों के नाम से आवास निर्धारित करने वालों में हड़कंप मच गया हैै।