स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोनभद्र में तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर-कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस वजह से वेतन मद में आए 2.27 करोड़ रुपये का बजट मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सरेंडर करना पड़ा है। अन्य विभागों में भी अवशेष धनराशि सरेंडर करने के लिए रविवार तक का मौका है। मार्च क्लोजिंग के चलते इस बार रविवार को भी कोषागार खुला रहेगा।
बीते वर्ष एक अप्रैल को जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी का नाम बदलकर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कर दिया गया है। इसी नाम से ओपीडी पर्ची भी काटी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष ही स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में डॉक्टरों के साथ ही अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी थी। इसके लिए बकायदा कर्मचारी मद में शासन की तरफ से धन आवंटन भी कर दिया गया था। प्रशासन ने सृजित पदों पर चयन के लिए कई बार आवेदन भी लिए, मगर तमाम कोशिशों के बाद भी चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। वित्तीय वर्ष बीतने को सिर्फ एक दिन शेष हैं। ऐसे में इस मद में आई धनराशि खर्च नहीं हो सकी। शासन के निर्देश पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के कर्मचारी मद का बचा करीब 2.27 करोड़ की धनराशि सरेंडर करना पड़ा है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के वित्त नियंत्रक का कार्य देख रहे मुख्य कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाने के कारण बजट सरेंडर किया गया है। 21 मार्च को दो करोड़ रुपये और 27 मार्च को 27 लाख रुपये का बजट सरेंडर किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन 31 मार्च रविवार को भी कोषागार खुला रहेगा। अभी तक अन्य विभागों की तरफ से बजट सरेंडर नहीं किया गया है।