मौसम में बदलाव का असर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अस्पतालों में बढ़ गई है। इस मौसम का बुखार आसानी से नहीं जा रहा। थोड़ी सी अनदेखी घातक भी हो जा रही है। पिछले दो दिनों के अंदर जिले में बुखार से दो बच्चों की मौत हुई है। उन्हें सामान्य लक्षण ही थे। परिजन उसी तरह उपचार करा रहे थे, मगर बुखार का प्रकोप इतना तेज हुआ कि चंद घंटों में बच्चों की जान चली गई। डॉक्टर अभिभावकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चे को बुखार लगे तो इसकी अनदेखी न करें। तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें और सही जांच कराएं।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) लोढ़ी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण इन दिनों छोटे बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में अधिक आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम के साथ 100 से 102 डिग्री सेल्सियस तक तेज बुखार हो और सांस लेने में परेशानी हो रही हो तो तत्काल अनुभवी चिकित्सक को दिखाना चाहिए।