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सावधान: सर्दी-जुकाम के साथ बुखार को हल्के में न लें, सोनभद्र में दो दिनों में गई दो बच्चों की जान

Sat, 05 Sep 2026 10:17 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

बदलते मौसम के बीच सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में डॉक्टर भी लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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मौसम में बदलाव का असर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अस्पतालों में बढ़ गई है। इस मौसम का बुखार आसानी से नहीं जा रहा। थोड़ी सी अनदेखी घातक भी हो जा रही है। पिछले दो दिनों के अंदर जिले में बुखार से दो बच्चों की मौत हुई है। उन्हें सामान्य लक्षण ही थे। परिजन उसी तरह उपचार करा रहे थे, मगर बुखार का प्रकोप इतना तेज हुआ कि चंद घंटों में बच्चों की जान चली गई। डॉक्टर अभिभावकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चे को बुखार लगे तो इसकी अनदेखी न करें। तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें और सही जांच कराएं।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) लोढ़ी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण इन दिनों छोटे बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में अधिक आ रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम के साथ 100 से 102 डिग्री सेल्सियस तक तेज बुखार हो और सांस लेने में परेशानी हो रही हो तो तत्काल अनुभवी चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
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चुर्क नगर के वार्ड नंबर एक निवासी सुरेंद्र की पुत्री शगुन (2) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। तीन दिन से उसका उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार को स्थिति बिगड़ने पर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। रॉबर्ट्सगंज के कुसाही निवासी नन्हें के पुत्र प्रिंस (2) को बुखार आ रहा था। परिजन उसका उपचार करा रहे थे। बृहस्पतिवार की रात बुखार तेज हुआ। सुबह निजी अस्पताल लेकर आए तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

लंबा खींच रहा बुखार, सतर्क रहें अभिभावक
दुद्धी सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित छोटे बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। बच्चों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार दिया जा रहा है। वहीं, म्योरपुर सीएचसी में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव बिंद ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित करीब 80 से 90 छोटे बच्चे पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के बाद ऐसे मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। कहा कि सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी होने पर बच्चे को तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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