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बाहर से न लिखें दवाएं, सक्रिय रखें एंबुलेंस

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सोनभद्र। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। एंबुलेंस सेवा भी हर वक्त सक्रिय रहनी चाहिए। जिन स्वास्थ्यकर्मियों का कोरोना का वैक्सीनेशन पहले चरण में हो गया है, उनका दोबारा 28 दिन पर दोबारा जरूर किया जाना चाहिए।
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ये निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने दिए। उन्होंने अधिकारियों को परिवार नियोजन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। कहा कि 102 व 108 एंबुलेंस सेवा को हर समय सक्रिय रखा जाना चाहिए। मरीजों को हर संभव दवाएं मुहैया कराई जाएं और बाहर से दवाएं न लिखी जाएं। जननी सुरक्षा योजना व आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान में देर के लिए संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को कोविड-19 से बचाव संबंधी वैक्सीनेशन की गाइड लाइन के अनुरूप व्यवस्था करने तथा जिन स्वास्थ्यकर्मियों का पहले चरण में वैक्सीनेशन हो गया है, दूसरे चरण का 28 दिन पर फिर से वैक्सीनेशन कराने पर जोर दिया। पल्स पोलियो महाभियान को सफल बनाने के साथ ही कुष्ठ नियंत्रण अभियान को भी सफल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि दायित्वों को समय से पूरा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर अवगत कराने को भी कहा। डीएम ने सीएमओ को एक सप्ताह के अंदर जननी सुरक्षा योजना के लंबित देनदारियों का भुगतान कराने का निर्देश दिया। कहा कि धनराशि प्राप्त होने के बावजूद समय से खर्च न करने की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने नियमित टीकाकरण, कोविड वैक्सीनेशन, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, क्षय रोग नियंत्रण, परिवार नियोजन, कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय रखने की हिदायत दी। बैठक में डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. नेम सिंह, सीएमएस डॉ. पीबी गौतम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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