फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएमएफ का गठन न होने पर हाईकोर्ट गंभीर

Thu, 10 Nov 2016 10:53 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) का गठन न होने से इस मद के करोड़ों रुपये एनसीएल के यहां डंप हैं। इस मामले में एनजीओ सहयोग के सचिव पंकज मिश्रा की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने प्रमुख सचिव खनन और डीएम को एक सप्ताह में जरूरी पहल करने का आदेश दिया है। 15 नवंबर को फिर सुनवाई होगी।  
विज्ञापन

 केंद्र ने 12 जनवरी 2015 को अधिसूचना जारी की थी। सितंबर 2015 में केंद्रीय खान मंत्रालय ने राज्यों को क्रियान्वयन के लिए पत्र जारी कर दिया था। राज्य सरकारों को अधिसूचना जारी कर कोयला खनन से संबंधितों जिलों में डीएमएफ का गठन कराना था। 12 जनवरी 2015 से पूर्व जारी पट्टों की खनन रायल्टी का 30  फीसदी और 12 जनवरी 2015 के बाद के खनन पट्टों की रायल्टी की दस फीसदी रकम इस मद में जमा होनी थी। मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों ने इसे लागू कर लिया। सिंगरौली को एनसीएल ने अक्तूबर 2015 से अब तक तीन सौ करोड़ से अधिक रकम भी अदा कर दी। सोनभद्र के खाते में भी करीब 65 करोड़ की रकम आई है, लेकिन डीएलएफ का गठन कर खाता न खोलने से रुपये एनसीएल में डंप हैं। एनसीएल प्रबंधन का कहना है कि सोनभद्र से सिर्फ एनएमईटी अकाउंट मिला है। डीएलएफ का अकाउंट मिलने के बाद ही धनराशि रिलीज होगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ने दो माह पहले ही इस मामले का खुलासा किया था। उस समय डीएम का कहना था कि डीएलएफ के लिए क्या नियम है? इसका पता कर जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सप्ताह भर पूर्व पंकज मिश्रा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की, जहां सात नवंबर को सुनवाई हुई। अधिवक्ता अभिषेक चौबे के मुताबिक कोर्ट ने जिला प्रशासन की लापरवाही मानी और एक सप्ताह के भीतर पहल का आदेश जारी कर दिया। आदेश का पालन हुआ कि नहीं, इसके लिए 15 नवंबर को फ्रेश केस के रूप में प्रकरण की सुनवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें